BRICS Summit 2026: पुतिन का बड़ा बयान, बोले- यूरोप को रूस से कोई सुरक्षा खतरा नहीं

BRICS Summit 2026 के मंच से व्लादिमीर पुतिन ने यूरोप और रूस के बीच सुरक्षा तनाव को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने रूस से खतरे की धारणा को पश्चिमी नीतियों से जोड़ा। आखिर पुतिन के इस बयान के पीछे क्या संदेश है और क्या इससे रूस-यूरोप संबंधों में कोई नया मोड़ आएगा?

BRICS Summit 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 12, 2026

BRICS Summit 2026 : दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोप और रूस के संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। भारत में मौजूद पुतिन ने एक साक्षात्कार में कहा कि यूरोपीय देशों को रूस से किसी तरह का खतरा नहीं है। उनका कहना था कि यूरोप के साथ रूस के टकराव या संघर्ष का कोई तार्किक आधार नहीं है। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस और पश्चिमी देशों के बीच बढ़े तनाव के बीच पुतिन की यह टिप्पणी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

यूरोपीय देशों को धमकी देने से पुतिन का इनकार

रूसी राष्ट्रपति ने यूरोप की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि रूस ने कभी यूरोपीय देशों को धमकी नहीं दी और ऐसा करने की उसकी कोई योजना भी नहीं है। पुतिन ने सवाल उठाया कि रूस ऐसा कदम क्यों उठाएगा, जिसका उसके अपने हितों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय देशों के साथ रूस के संबंधों को लेकर मौजूद आशंकाओं का कोई ठोस आधार नहीं है।

सीमा समझौतों और अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला

पुतिन ने अपने बयान में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुए सीमा और राजनीतिक समझौतों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, युद्ध के बाद से जुड़े प्रमुख सीमा विवाद और व्यवस्थाएं बाद में हुए समझौतों के जरिए तय हो चुकी थीं। सोवियत संघ के विघटन के बाद हुए बदलावों को भी रूस ने उसके कानूनी उत्तराधिकारी के तौर पर स्वीकार किया। पुतिन ने कहा कि इन समझौतों का उल्लंघन रूस के राष्ट्रीय हितों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के खिलाफ होगा।

जर्मनी में AfD के प्रदर्शन पर पश्चिम पर निशाना

जर्मनी के सैक्सोनी-आनहाल्ट राज्य में दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी यानी AfD के चुनावी प्रदर्शन पर भी पुतिन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने यूरोप में राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता के लिए पश्चिमी देशों की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। पुतिन के मुताबिक, सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्र में गलत फैसलों का असर अब आम यूरोपीय नागरिकों पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी देशों के नीति-निर्माता अपनी विफलताओं को स्वीकार करने के बजाय उन्हें छिपाने की कोशिश करते हैं।

शीत युद्ध
शीत युद्ध

शीत युद्ध के बाद पश्चिमी सोच पर सवाल

पुतिन ने शीत युद्ध समाप्त होने और सोवियत संघ के विघटन के बाद पश्चिमी देशों की सोच की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उस समय पश्चिमी नेतृत्व को यह भ्रम हो गया था कि वह वैश्विक व्यवस्था के शीर्ष पर पहुंच चुका है। उनके अनुसार, इसी सोच ने पश्चिम में ऐसी नीतियों को जन्म दिया, जिनमें अपनी गलतियों की संभावना को नजरअंदाज किया गया। पुतिन ने कहा कि आज यूरोप में दिखाई दे रहा राजनीतिक असंतोष इसी सोच के परिणामों में से एक है।

यूरोप में रूस को लेकर गहरी चिंता

पुतिन के दावे के बावजूद यूरोप के कई देशों में रूस को लेकर सुरक्षा चिंताएं बनी हुई हैं। यूक्रेन में जारी युद्ध के कारण यूरोपीय देशों को आशंका है कि संघर्ष का प्रभाव अन्य क्षेत्रों तक भी फैल सकता है। खासकर बाल्टिक देशों, पोलैंड और पूर्वी यूरोप के कई देशों ने रूस की सैन्य गतिविधियों को गंभीर सुरक्षा चुनौती के रूप में देखा है। इसी वजह से यूरोपीय देश यूक्रेन को सैन्य और आर्थिक सहायता दे रहे हैं।

ऊर्जा और साइबर सुरक्षा ने बढ़ाया तनाव

रूस और यूरोप के बीच अविश्वास केवल सैन्य संघर्ष तक सीमित नहीं है। ऊर्जा आपूर्ति, साइबर हमलों के आरोप और राजनीतिक हस्तक्षेप से जुड़े विवादों ने भी दोनों पक्षों के रिश्तों को प्रभावित किया है। यूरोपीय देशों में रूस की ऊर्जा निर्भरता को लेकर भी लंबे समय से बहस होती रही है। ऐसे माहौल में पुतिन का यह बयान रूस और यूरोप के बीच सुरक्षा संबंधी धारणा को लेकर चल रही बहस को और तेज कर सकता है।

पुतिन के बयान का कूटनीतिक महत्व

BRICS Summit 2026 के दौरान आया पुतिन का बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब रूस और पश्चिम के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण हैं। एक तरफ मॉस्को यूरोप के लिए खतरा होने के आरोपों को खारिज कर रहा है, वहीं यूरोपीय देश रूस की सैन्य और रणनीतिक गतिविधियों को लेकर सतर्क हैं। इसलिए पुतिन की टिप्पणी को रूस के आधिकारिक रुख के रूप में देखा जा रहा है, जबकि यूरोप की सुरक्षा चिंताएं फिलहाल बरकरार हैं।

Read More :  Pakistan vs England : पाकिस्तान का जोरदार पलटवार, इंग्लैंड को मिला 130 रन का लक्ष्य