BRICS Summit 2026 : इथियोपिया-मलेशिया संग मोदी की अहम मुलाकात, रक्षा और निवेश पर क्या बनी सहमति?

नई दिल्ली में BRICS समिट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इथियोपिया और मलेशिया के नेताओं के साथ हुई अहम द्विपक्षीय वार्ताओं में रक्षा, निवेश और उभरते क्षेत्रों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर रहा। क्या इन बैठकों से भारत की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा मिलेगी?

BRICS Summit 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 12, 2026

BRICS Summit 2026 : दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच भारत की कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष प्रतिनिधि भारत पहुंचे हैं। बहुपक्षीय बैठकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अलग-अलग देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं भी कर रहे हैं। इन मुलाकातों में आपसी सहयोग, व्यापार, निवेश, विकास, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है। भारत इन बैठकों के जरिए अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश कर रहा है।

मलेशियाई प्रधानमंत्री इब्राहिम से हैदराबाद हाउस में मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत और मलेशिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया। बातचीत के दौरान आर्थिक साझेदारी, क्षेत्रीय परिस्थितियों, सुरक्षा और दोनों देशों के साझा हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब मलेशिया ब्रिक्स के पार्टनर देश के तौर पर सम्मेलन में भाग ले रहा है।

ब्रिक्स में पार्टनर देश के रूप में मलेशिया की भागीदारी

मलेशिया का ब्रिक्स सम्मेलन में पार्टनर देश के रूप में शामिल होना भारत-मलेशिया संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर मलेशियाई प्रधानमंत्री भारत पहुंचे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक संपर्क बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर सहयोग की संभावनाएं भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में मोदी और अनवर इब्राहिम की बैठक को केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे ब्रिक्स के व्यापक सहयोग और ग्लोबल साउथ के बीच समन्वय के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है।

इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद के साथ भी अहम बातचीत

मलेशिया के प्रधानमंत्री से मुलाकात से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक में दोनों देशों के ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों की समीक्षा की गई। इसके अलावा व्यापार, कृषि, क्षमता निर्माण और विकास सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। भारत और इथियोपिया के संबंधों में विकास सहयोग और क्षमता निर्माण पहले से ही महत्वपूर्ण क्षेत्र रहे हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत ने भविष्य में सहयोग की नई संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया।

अफ्रीका के साथ भारत की साझेदारी को मिल सकता है नया विस्तार

इथियोपिया के साथ बातचीत भारत की अफ्रीकी देशों के साथ बढ़ती भागीदारी को भी दर्शाती है। भारत लंबे समय से अफ्रीकी देशों के साथ व्यापार, तकनीकी सहयोग, शिक्षा, स्वास्थ्य और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में संबंध मजबूत करने पर जोर देता रहा है। इथियोपिया के साथ उच्चस्तरीय वार्ता इसी व्यापक नीति का हिस्सा मानी जा सकती है। दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ने से भारत की अफ्रीका केंद्रित कूटनीति को नई गति मिलने की संभावना है।

ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने पर भारत का जोर

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की इन द्विपक्षीय बैठकों से भारत के ग्लोबल साउथ के साथ बढ़ते जुड़ाव की तस्वीर भी सामने आती है। भारत विकासशील देशों के साझा हितों, आर्थिक विकास, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा तथा वैश्विक संस्थानों में सुधार जैसे मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रमुखता देता रहा है। ब्रिक्स जैसे मंच भारत को इन प्राथमिकताओं को व्यापक स्तर पर उठाने का अवसर प्रदान करते हैं। इथियोपिया और मलेशिया के साथ बातचीत इसी दिशा में भारत के प्रयासों को रेखांकित करती है।

आर्थिक सहयोग और व्यापार पर नजर

प्रधानमंत्री मोदी की दोनों बैठकों में आर्थिक सहयोग का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहा। भारत विभिन्न साझेदार देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने, निवेश के अवसर बढ़ाने और विकास आधारित सहयोग को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रहा है। मलेशिया के साथ दक्षिण-पूर्व एशिया में आर्थिक संपर्क और क्षेत्रीय सहयोग की संभावनाएं अहम हैं, जबकि इथियोपिया के साथ कृषि, क्षमता निर्माण और विकास परियोजनाओं में सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

ब्रिक्स मंच से भारत की कूटनीतिक सक्रियता का संदेश

नई दिल्ली में हो रहा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत के लिए केवल बहुपक्षीय चर्चा का अवसर नहीं है। इसके साथ आयोजित द्विपक्षीय बैठकों के जरिए भारत विभिन्न देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की अनवर इब्राहिम और अबी अहमद के साथ हुई बातचीत इसी सक्रिय कूटनीति का हिस्सा है। आने वाले समय में इन चर्चाओं से व्यापार, विकास, निवेश और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्रों में नए समझौते और पहल सामने आने की उम्मीद की जा सकती है।

वैश्विक सहयोग के लिए भारत की प्राथमिकताएं स्पष्ट

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री की लगातार बैठकों से यह संकेत मिलता है कि भारत बहुपक्षीय सहयोग के साथ-साथ द्विपक्षीय साझेदारियों को भी समान महत्व दे रहा है। मलेशिया और इथियोपिया जैसे देशों के साथ संवाद भारत की एशिया और अफ्रीका दोनों क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका को दर्शाता है। इन मुलाकातों के माध्यम से भारत आपसी विश्वास बढ़ाने और साझा विकास के लिए सहयोग का दायरा विस्तृत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ब्रिक्स मंच इस कूटनीतिक प्रयास के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो रहा है।

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