Arun Sao Bastar : छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने दो दिवसीय बस्तर दौरे के दौरान सड़क और अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों का दौरा कर कलेक्टरों तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान सड़क, पुल और अन्य निर्माण परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बस्तर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में विकास कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
छह ठेकेदारों पर कार्रवाई, पंजीयन नवीनीकरण पर रोक
सड़क और पुल निर्माण में लगातार देरी करने वाले छह ठेकेदारों के खिलाफ सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। विभाग की ओर से कई बार नोटिस जारी किए जाने और अनुबंध की अवधि बढ़ाए जाने के बावजूद निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं किया गया। ठेकेदारों द्वारा दिए गए आश्वासनों और शपथ पत्रों के बाद भी कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं आई। इसके बाद छह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। साथ ही उनके पंजीयन के नवीनीकरण पर रोक लगा दी गई है। दो मामलों में पंजीयन पूरी तरह निरस्त करने की कार्रवाई भी की गई है।\

इन छह ठेकेदारों के खिलाफ हुई सख्त कार्रवाई
सरकारी कार्रवाई की सूची में के. मोहन रेड्डी, मेसर्स शांति विजय कंस्ट्रक्शन, मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा, मेसर्स राघवा कंस्ट्रक्शन, मेसर्स बालाजी इंफ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स पंकज हालदार के नाम शामिल हैं। इनमें के. मोहन रेड्डी और मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। सरकार ने कार्रवाई के खिलाफ संभावित कानूनी चुनौती को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट में कैविएट भी दायर की है। इससे सरकार ने अपने फैसले को कानूनी स्तर पर भी मजबूती देने की कोशिश की है।
दंतेवाड़ा में अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने की चेतावनी
दंतेवाड़ा में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि खराब सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगी। अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

कागजों तक सीमित न रहें विकास परियोजनाएं
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्वीकृत, निर्माणाधीन और प्रस्तावित सड़कों तथा सरकारी भवनों की नियमित मैदानी निगरानी करने को कहा। उनका जोर इस बात पर रहा कि सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं का असर केवल फाइलों और रिपोर्टों में दिखाई नहीं देना चाहिए, बल्कि इसका प्रत्यक्ष लाभ आम लोगों तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सरकारी राशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने और टिकाऊ गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर
अरुण साव ने कहा कि जिन परियोजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने मैदानी स्तर पर लगातार निरीक्षण करने और निर्माण की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने को कहा। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर सड़क संपर्क मिले, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार जैसी आवश्यक सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान हो सके।

विकास, विश्वास और सुरक्षा से बदलेगा बस्तर
समीक्षा बैठकों के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर में ‘विकास, विश्वास और सुरक्षा’ के मूल मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को सरकार अपनी प्राथमिकता मान रही है। सड़क और पुल जैसी परियोजनाओं को मजबूत करने से प्रशासन की पहुंच दूरदराज के गांवों तक बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना सरकार का लक्ष्य
सरकार का जोर बस्तर के अंदरूनी और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है। बेहतर सड़क नेटवर्क से गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के साथ स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और बाजारों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं में गति, पारदर्शिता और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाए, ताकि सरकारी प्रयासों का वास्तविक लाभ बस्तर के अंतिम छोर तक पहुंच सके।
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