
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की खास थीम
भारत ने इस वर्ष ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए ‘Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ थीम निर्धारित की है। इसके तहत लचीलापन, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। सम्मेलन में वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, तकनीकी बदलाव, सतत विकास और बहुपक्षीय सहयोग जैसे विषयों पर सदस्य और साझेदार देशों के साथ विचार-विमर्श हो रहा है।
भारत-वियतनाम संबंधों में बढ़ रहा रणनीतिक सहयोग
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और वियतनाम के बीच Enhanced Comprehensive Strategic Partnership है। दोनों देशों के संबंध रक्षा और सुरक्षा सहयोग के साथ-साथ फिनटेक, महत्वपूर्ण खनिजों और उभरती तकनीकों जैसे क्षेत्रों में लगातार विस्तार पा रहे हैं। बहुपक्षीय मंचों पर भी दोनों देश कई मुद्दों पर एक-दूसरे के साथ सहयोग करते रहे हैं। ऐसे में ब्रिक्स का मंच द्विपक्षीय साझेदारी को और व्यापक बनाने का अवसर प्रदान कर रहा है।

ब्रिक्स के जरिए संबंध मजबूत करने पर वियतनाम का जोर
वियतनाम ब्रिक्स सम्मेलन को भारत के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करने के साथ-साथ समूह के सदस्य और अन्य पार्टनर देशों के साथ सहयोग बढ़ाने के अवसर के रूप में देख रहा है। बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय सहयोग, आर्थिक विकास, सतत विकास और वैश्विक चुनौतियों से निपटने से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है। इससे भारत-वियतनाम सहयोग को बहुपक्षीय स्तर पर भी नई गति मिल सकती है।
राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा रही अहम
भारत और वियतनाम के रिश्तों को नई दिशा देने में इस वर्ष मई में हुई वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा भी महत्वपूर्ण रही। उनकी राजकीय यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपनी साझेदारी को Enhanced Comprehensive Strategic Partnership के स्तर तक आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी। दोनों पक्षों ने साझा दृष्टिकोण, रणनीतिक समानता और ठोस सहयोग के आधार पर संबंधों को आगे ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।

मोदी ने अन्य देशों के नेताओं से भी की मुलाकात
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का द्विपक्षीय बैठकों का सिलसिला भी जारी है। वियतनाम के प्रधानमंत्री से मुलाकात से पहले मोदी ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस से भी मुलाकात की। मलेशिया और इथियोपिया की ओर से भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने में रुचि दिखाई गई है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की अहम भूमिका
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया आर्थिक विखंडन, तेजी से बदलती तकनीक, भू-राजनीतिक तनाव, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। भारत का प्रयास है कि ब्रिक्स के विस्तार से बढ़ी प्रतिनिधित्व क्षमता को व्यावहारिक सहयोग और ठोस परिणामों में बदला जाए। इसके साथ ही अलग-अलग हितों वाले देशों के बीच सहमति बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

ब्रिक्स में 11 सदस्य और 10 पार्टनर देश
वर्तमान में ब्रिक्स में 11 सदस्य देश शामिल हैं। इनमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इनके अलावा 10 पार्टनर देश हैं—नाइजीरिया, बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, थाईलैंड और युगांडा सहित अन्य देश। इस विस्तारित ढांचे में वियतनाम की भागीदारी भारत के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ सहयोग बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।
भारत-वियतनाम साझेदारी के लिए ब्रिक्स बना अहम मंच
प्रधानमंत्री मोदी और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग की बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत ब्रिक्स के माध्यम से ग्लोबल साउथ के देशों के साथ सहयोग को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों के विस्तार की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में नई दिल्ली में हुई यह बैठक द्विपक्षीय रिश्तों के साथ-साथ बहुपक्षीय सहयोग को भी नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
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