UP News: लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को साहित्य, संस्कृति और पुस्तकों का बड़ा मंच सजा। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार और लखनऊ विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभारंभ किया। नौ दिवसीय यह पुस्तक महोत्सव 20 सितंबर तक चलेगा। आयोजन में 22 भाषाओं की पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी, जबकि 100 से अधिक पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया।
पुस्तक महोत्सव में युवाओं की मौजूदगी से बदली सीएम योगी की धारणा

बताते चले कि, उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुस्तक महोत्सव की सफलता देखकर उनकी यह धारणा बदली है कि युवा केवल डिजिटल मीडिया तक सीमित हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा और छात्र पुस्तकों की ओर भी आकर्षित हो रहे हैं। अगले नौ दिनों तक लखनऊ में हजारों छात्रों और युवाओं को एक ऐसा मंच मिलेगा, जहां वे अलग-अलग विषयों की पुस्तकों से परिचित हो सकेंगे और अपनी रुचि के अनुसार ज्ञान हासिल कर सकेंगे।
पाठ्यक्रम से बाहर पढ़ने पर सीएम योगी का जोर
इसी कड़ी में आगे, सीएम योगी ने कहा कि केवल कॉलेज और पाठ्यक्रम की किताबों से ही पूरा ज्ञान हासिल नहीं किया जा सकता। समाज, देश और दुनिया को बेहतर ढंग से समझने के लिए अलग-अलग विषयों की पुस्तकें पढ़ना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ पढ़ने की अपील करते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों को परीक्षा और जीवन की चुनौतियों के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने युवाओं से ज्ञान को सीमित न रखने का आह्वान किया।
नैमिषारण्य, काशी और प्रयागराज की ज्ञान परंपरा का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की ज्ञान और साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि नैमिषारण्य की धरती ने ज्ञान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। काशी और प्रयागराज भी सदियों से ज्ञान, शिक्षा और संस्कृति की परंपरा को मजबूत करने वाली धरती रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तकों से जुड़ना केवल पढ़ने की आदत विकसित करना नहीं, बल्कि समाज और देश को समझने का माध्यम भी है।
सीएम योगी की युवाओं को सलाह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ अन्य किताबों को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। युवाओं को अपना एक बुक बैंक तैयार करना चाहिए और खाली समय में किताबें पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। साहित्य, धार्मिक ग्रंथ, महापुरुषों की आत्मकथाएं, वैज्ञानिक शोध और यात्रा वृत्तांत जैसे अलग-अलग विषय युवाओं के ज्ञान का दायरा बढ़ा सकते हैं।
पुस्तकें बढ़ाएंगी युवाओं की रचनात्मकता, मेहनत से मिलेगी मंजिल
सीएम योगी ने कहा कि पुस्तकों की दुनिया में जाने से युवाओं की रचनात्मकता और सोचने की क्षमता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि जीवन में कोई भी मंजिल कठिन नहीं है, जरूरत केवल अपनी राह तैयार करने और लगातार प्रयास करने की है। किताबें युवाओं को नई सोच, नए विचार और बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करने का माध्यम बन सकती हैं।
गोमती पुस्तक महोत्सव में 250 पुस्तक स्टॉल

नौ दिवसीय गोमती पुस्तक महोत्सव में करीब 250 पुस्तक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें 121 प्रकाशक हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी सहित कई भारतीय भाषाओं की हजारों पुस्तकों का प्रदर्शन और बिक्री करेंगे। खास बात यह है कि महोत्सव में प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रखा गया है। उद्घाटन समारोह में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी, समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
बाल मंडप में बच्चों के लिए खास गतिविधियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम
महोत्सव में बच्चों के लिए विशेष ‘बाल मंडप’ तैयार किया गया है। यहां कठपुतली नाटक, कहानी-कथन, वैदिक गणित, माइंडफुलनेस, क्ले आर्ट, सुलेख, कैरिकेचर, कविता-पाठ और रचनात्मक लेखन जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी। शाम के समय कथक, लोक प्रस्तुतियां, मुशायरा, नाट्य मंचन और दास्तानगोई जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी दर्शकों को आकर्षित करेंगे।
राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय से डिजिटल किताबों तक पहुंचेगा पाठकों का दायरा
गोमती पुस्तक महोत्सव में राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय के बारे में भी लोगों को जानकारी दी जाएगी। इस ई-पुस्तकालय में सात हजार से अधिक ई-पुस्तकें उपलब्ध हैं। इसके जरिए पाठकों को पारंपरिक पुस्तकों के साथ डिजिटल माध्यम से भी ज्ञान और साहित्य तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा।
पढ़े लखनऊ, बढ़े लखनऊ अभियान को मिलेगा नया मंच
लखनऊ विश्वविद्यालय की टैगोर लाइब्रेरी की मानद पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. रोली मिश्रा ने कहा कि NBT के सहयोग से विश्वविद्यालय में इतने बड़े पुस्तक आयोजन का होना महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि ‘पढ़े लखनऊ, बढ़े लखनऊ’ और ‘पढ़े विश्वविद्यालय, बढ़े विश्वविद्यालय’ जैसे लक्ष्यों को आगे बढ़ाते हुए विद्यार्थियों को अच्छे लेखकों और महत्वपूर्ण पुस्तकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
गोमती पुस्तक महोत्सव में कई नामचीन हस्तियां होंगी शामिल
महोत्सव के दौरान देश की कई जानी-मानी हस्तियां भी शामिल होंगी। इनमें दिल्ली के उप राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, लोक गायिका मालिनी अवस्थी, लेखक शांतनु गुप्ता और पद्मश्री डॉ. विद्या विंदु सिंह प्रमुख हैं। ऐसे में गोमती पुस्तक महोत्सव अगले नौ दिनों तक लखनऊ में साहित्य, शिक्षा, संस्कृति और रचनात्मकता का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।










