नए सिलेबस के बीच किताबों का संकट, यूपी के हजारों स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित

लखनऊ  नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत अप्रैल से हो चुकी है और प्रदेश के हजारों सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 9वीं के छात्रों को अब तक सभी जरूरी किताबें नहीं मिल सकी हैं। सीबीएसई की ओर से इस बार सिलेबस में बदलाव किया गया, लेकिन एनसीईआरटी समय से नई पुस्तकें उपलब्ध नहीं करा पाया। इसका असर सीधे छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। प्रदेश में करीब 4500 सीबीएसई स्कूल हैं। अनुमान के अनुसार कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या चार से छह लाख के बीच है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे छात्रों की है, जिन्हें अभी तक पूरी किताबें

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Published On :

मई 31, 2026

लखनऊ

 नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत अप्रैल से हो चुकी है और प्रदेश के हजारों सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 9वीं के छात्रों को अब तक सभी जरूरी किताबें नहीं मिल सकी हैं। सीबीएसई की ओर से इस बार सिलेबस में बदलाव किया गया, लेकिन एनसीईआरटी समय से नई पुस्तकें उपलब्ध नहीं करा पाया। इसका असर सीधे छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।

प्रदेश में करीब 4500 सीबीएसई स्कूल हैं। अनुमान के अनुसार कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या चार से छह लाख के बीच है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे छात्रों की है, जिन्हें अभी तक पूरी किताबें नहीं मिल पाई हैं।

कई स्कूलों में सिर्फ कुछ विषयों की किताबें पहुंची हैं, जबकि गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसी मुख्य विषयों की पुस्तकें अब भी कम हैं। स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में छात्रों को अवकाश के दौरान पढ़ाई और होमवर्क पूरा करने में परेशानी हो रही है।

अभिभावक खोज रहे किताबें
कई अभिभावक बाजार और आनलाइन माध्यमों से किताबें खोज रहे हैं, लेकिन वहां भी पर्याप्त स्टाक नहीं मिल रहा। कुछ स्कूल फिलहाल पीडीएफ नोट्स और फोटोकापी के सहारे पढ़ाई करा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि सिलेबस बदलने के कारण पुरानी किताबों से पढ़ाना भी आसान नहीं है। इससे पढ़ाई की गति प्रभावित हो रही है और बच्चों की बुनियादी तैयारी कमजोर पड़ सकती है।

खासकर बोर्ड पैटर्न की तैयारी शुरू करने वाले छात्रों के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। अभिभावकों ने मांग की है कि एनसीईआरटी और संबंधित एजेंसियां जल्द पुस्तकें उपलब्ध कराएं, ताकि नए सत्र की पढ़ाई व्यवस्थित तरीके से शुरू हो सके।