BJP vs Rahul Gandhi: अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के नए मेयर जोहरान ममदानी ने जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को एक पत्र लिखा। इस पत्र में ममदानी ने खालिद और उनके परिवार से मुलाकात की बात साझा की और उनकी जेल स्थितियों पर चिंता जताई। ममदानी ने यह पत्र उसी दिन सोशल मीडिया पर जारी किया, जब उन्होंने न्यूयॉर्क के मेयर के रूप में शपथ ली।
BJP vs Rahul Gandhi: अमेरिकी सांसदों ने भी खालिद के पक्ष में पत्र लिखा
ममदानी के अलावा अमेरिका के कुछ सांसदों ने भी उमर खालिद के लिए पत्र लिखे। ये पत्र सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में चर्चा का विषय बने। सांसदों ने खालिद की सुरक्षा और जेल स्थितियों पर अपनी चिंता जाहिर की। इसके बाद भारत में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।
BJP vs Rahul Gandhi: बीजेपी ने राहुल गांधी को घेरा
भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाने पर लिया। भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अमेरिका में भारत विरोधी लॉबी के लोगों के करीब दिखाई देते हैं। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस संदर्भ में अपने सोशल मीडिया पोस्ट में राहुल गांधी की फोटो साझा करते हुए आरोप लगाए।
2024 की मुलाकात का जिक्र
भंडारी ने लिखा कि 2024 में अमेरिका की सांसद शाकोव्स्की ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में भारत विरोधी सांसद इल्हान उमर भी मौजूद थे। भाजपा ने इसे कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाने वाला बताया।
2025 में भारत विरोधी अधिनियम
भंडारी ने यह भी बताया कि जनवरी 2025 में शाकोव्स्की ने अंतरराष्ट्रीय इस्लामोफोबिया का मुकाबला करने वाला अधिनियम पेश किया था, जिसमें भारत का नाम स्पष्ट रूप से लिया गया था। भाजपा ने इसे भारत विरोधी लॉबी की साजिश के तौर पर पेश किया।
2026 में उमर खालिद पत्र का मुद्दा
भाजपा ने कहा कि 2026 में वही शाकोव्स्की भारत सरकार को पत्र लिखती हैं और उमर खालिद को लेकर चिंता जाहिर करती हैं। उमर खालिद पर दंगों और हिंसा से जुड़े मामले में UAPA के तहत आरोप हैं। भाजपा ने इस घटनाक्रम को राहुल गांधी के भारत विरोधी रवैये से जोड़कर पेश किया।
प्रदीप भंडारी का आरोप
भंडारी ने कहा कि विदेशों में भारत विरोधी बातें फैलाने के पीछे अक्सर राहुल गांधी का नाम सामने आता है। उनका कहना है कि जो लोग भारत को कमजोर करना चाहते हैं, सरकार को बदनाम करना चाहते हैं और आतंकवाद विरोधी कानूनों को कमजोर करना चाहते हैं, वे राहुल गांधी के इर्द-गिर्द इकट्ठा हो जाते हैं।
कांग्रेस ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी
इस मामले पर कांग्रेस की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस तरह के आरोप आगामी चुनावी माहौल में दोनों पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप को तेज कर सकते हैं।अमेरिका के मेयर और सांसदों के पत्र के बाद भारत में राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। भाजपा राहुल गांधी को भारत विरोधी लॉबी से जोड़कर पेश कर रही है, जबकि कांग्रेस फिलहाल चुप है। मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है, और आने वाले दिनों में इसे लेकर और बयानबाजी की संभावना है।
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