BJP Wins Bengal Election 2026: बंगाल फतेह के बाद कालीबाड़ी मंदिर में दंडवत हुए BJP अध्यक्ष नितिन नबीन

BJP Wins Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के 15 वर्षों के लंबे शासन को उखाड़ फेंकने और असम में जीत की हैट्रिक लगाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में उत्साह का महासागर उमड़ पड़ा है। इस प्रचंड बहुमत और ‘भगवा लहर’ की सफलता का आभार व्यक्त करने के लिए बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने आध्यात्मिक मार्ग चुना। मंगलवार की सुबह दिल्ली का चित्तरंजन पार्क (सी.आर. पार्क) स्थित प्रसिद्ध कालीबाड़ी मंदिर राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया। नितिन नबीन ने मां काली के चरणों में दंडवत प्रणाम किया बताते चले कि, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन

BJP Wins Bengal Election 2026

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 5, 2026

BJP Wins Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के 15 वर्षों के लंबे शासन को उखाड़ फेंकने और असम में जीत की हैट्रिक लगाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में उत्साह का महासागर उमड़ पड़ा है। इस प्रचंड बहुमत और ‘भगवा लहर’ की सफलता का आभार व्यक्त करने के लिए बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने आध्यात्मिक मार्ग चुना। मंगलवार की सुबह दिल्ली का चित्तरंजन पार्क (सी.आर. पार्क) स्थित प्रसिद्ध कालीबाड़ी मंदिर राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया।

नितिन नबीन ने मां काली के चरणों में दंडवत प्रणाम किया

बताते चले कि, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने जीत के बाद अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति के रूप में मां काली के चरणों में दंडवत प्रणाम किया। बंगाल और असम की जीत को आध्यात्मिक रूप से जोड़ते हुए उन्होंने मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। उनके साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद बांसुरी स्वराज और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी मौजूद थे। नबीन ने इस अवसर पर कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बंगाल की समृद्ध संस्कृति और विरासत को पुनर्जीवित करने का एक नया संकल्प है। उन्होंने ‘मां कामाख्या’ और ‘मां काली’ की धरती पर मिली इस सफलता को दैवीय आशीर्वाद बताया।

बंगाली समुदाय का प्रमुख धार्मिक केंद्र

दक्षिण दिल्ली में स्थित यह काली मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि बंगाली समाज की आस्था का प्रतीक है। 1973 में स्थापित यह मंदिर स्थानीय मान्यताओं के अनुसार अत्यंत जागृत शक्तिपीठ माना जाता है। यहां भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और खाली हाथ नहीं लौटते। दिल्ली के ‘मिनी बंगाल’ कहे जाने वाले इस क्षेत्र में यह मंदिर सुबह 10 से दोपहर 1 बजे और शाम 6 से रात 9 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। बीजेपी अध्यक्ष का यहां आना बंगाल की जनता के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव को और गहरा करने का एक बड़ा संकेत है।

दुर्गा पूजा और भव्य उत्सवों का संगम स्थल

आपको बता दे कि, यह मंदिर विशेष रूप से हिंदू देवी दक्षिणा काली को समर्पित है, लेकिन यहां की भव्यता केवल एक स्वरूप तक सीमित नहीं है। मंदिर परिसर में भगवान शिव और राधा-गोविंद के भी प्राचीन मंदिर स्थित हैं, जो इसे सर्वधर्म सद्भाव का केंद्र बनाते हैं। हर साल दुर्गा पूजा के दौरान यहाँ जनसैलाब उमड़ता है। इसके अलावा, यहां सरस्वती पूजा, महाशिवरात्रि, रामनवमी और काली पूजा जैसे त्योहार अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाए जाते हैं। शाम के समय होने वाले कीर्तन भक्तों को दिव्यता का अहसास कराते हैं।

श्रद्धालुओं के लिए यात्री निवास और चैरिटेबल सुविधाएं

दूर-दराज से आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए यहां विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर में एक सुव्यवस्थित ‘यात्री निवास’ संचालित है, जो एक चैरिटेबल धर्मशाला के रूप में कार्य करता है। यहां लगभग 30 डबल बेड वाले कमरे हैं, जो आधुनिक सुविधाओं जैसे अटैच्ड बाथरूम और कूलर से लैस हैं। भक्त यहाँ बहुत कम दान राशि देकर ठहर सकते हैं। साथ ही, परिसर की कैंटीन में सात्विक भोजन की व्यवस्था भी उपलब्ध है, जिससे श्रद्धालुओं को घर जैसा वातावरण प्राप्त होता है।