Bengal: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। नवान्न (सचिवालय) में आयोजित इस बैठक में राज्य की सुरक्षा, केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य अब ‘सुशासन और डबल इंजन सरकार’ की नीति पर चलेगा, जहाँ विकास और सुरक्षा सर्वोपरि होगी।
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सीमा सुरक्षा और बीएएसएफ (BSF) को जमीन
नई सरकार ने सीमाई सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) को फेंसिंग और अन्य सुरक्षा कार्यों के लिए आवश्यक जमीन सौंपने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया है। भूमि एवं राजस्व विभाग को यह कार्य 45 दिनों के भीतर पूरा करने की समय सीमा दी गई है। शुभेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब घुसपैठ रोकने के लिए केंद्र और अदालतों के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।
आयुष्मान भारत और केंद्रीय योजनाओं का आगाज़
बंगाल की जनता को अब केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना ‘आयुष्मान भारत’ (PMJAY) का लाभ मिलेगा। कैबिनेट ने राज्य को इस योजना से आधिकारिक रूप से जोड़ने का फैसला किया है। इसके तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा। इसके अलावा, पीएम किसान बीमा, पीएम श्री, उज्ज्वला और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी उन तमाम योजनाओं को गति दी जाएगी, जो अब तक राज्य में लंबित थीं।
आयु सीमा में वृद्धि
राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी देते हुए सरकार ने सरकारी नौकरियों में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा को 5 वर्ष बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह फैसला उन युवाओं के लिए संजीवनी साबित होगा जो पिछले कुछ वर्षों में भर्ती प्रक्रियाओं में देरी के कारण ओवरएज हो गए थे। साथ ही, प्रशासनिक सुधारों के तहत राज्य के आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण प्रणाली से जोड़ने और भारतीय न्याय संहिता (BNS) को पूरी तरह लागू करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
राजनीतिक हिंसा की जांच और न्याय का भरोसा
मुख्यमंत्री ने बंगाल के ‘राजनीतिक शहीदों’ को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यदि पीड़ित परिवार चाहेंगे, तो पिछले वर्षों में हुई राजनीतिक हिंसा की घटनाओं की नए सिरे से जांच कराई जाएगी। उन्होंने चुनाव के दौरान शांति बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों का आभार व्यक्त किया। सरकार ने स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने वालों और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पारदर्शिता और जनकल्याणकारी योजनाएं
शुभेंदु अधिकारी ने साफ किया कि राज्य में चल रही पुरानी सामाजिक कल्याण योजनाएं (जैसे लक्ष्मी भंडार आदि) बंद नहीं होंगी, लेकिन उनमें पारदर्शिता लाई जाएगी। अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और भारतीय नागरिकों को ही मिले। मृत व्यक्तियों या अवैध प्रवासियों के नाम लाभार्थी सूची से हटाए जाएंगे। इसके साथ ही, जनगणना को लेकर केंद्र सरकार के निर्देशों को भी तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इस पहली बैठक के जरिए शुभेंदु सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि बंगाल अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ने और अपनी खोई हुई कानून-व्यवस्था को बहाल करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।










