Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश चुनाव से पहले शेख हसीना का बड़ा दावा, अवामी लीग पर बैन लोकतंत्र के खिलाफ

सनसनीखेज! 12 फरवरी 2026 को होने वाले बांग्लादेश चुनाव से पहले शेख हसीना ने बड़ा धमाका किया है। अवामी लीग पर लगे प्रतिबंध को अवैध बताते हुए उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी पार्टी को बाहर रखना लोकतंत्र का गला घोंटना है। क्या हसीना के समर्थक इस चुनाव का बहिष्कार करेंगे?

Bangladesh Election 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 12, 2026

Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दावा किया है कि यदि उनकी पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने की अनुमति मिलती, तो वही जीत हासिल करती। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की जनता आज भी अवामी लीग को वोट देना चाहती है। हसीना का आरोप है कि उनकी पार्टी पर लगाया गया प्रतिबंध जनता की भावना के खिलाफ है और यह फैसला कुछ खास समूहों को खुश करने के लिए लिया गया है।

अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप

संगबाद प्रतिदिन को दिए एक इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने अवामी लीग की लोकप्रियता से डरकर पार्टी पर बैन लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि बांग्लादेश की जनता ने अवामी लीग को नौ बार सत्ता सौंपी है। उनके मुताबिक, यदि निष्पक्ष माहौल में मतदान हो, तो लोग फिर से अवामी लीग को ही चुनेंगे।

चुनाव प्रक्रिया की वैधता पर सवाल

हसीना ने कहा कि अवामी लीग के बिना होने वाले चुनाव न तो स्वतंत्र होंगे और न ही निष्पक्ष या सहभागी। उन्होंने दावा किया कि इस बार 30 प्रतिशत से अधिक मतदाता चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में, इस चुनाव से बनने वाली कोई भी सरकार लोकतांत्रिक वैधता का दावा नहीं कर सकती और उसे जल्द ही गंभीर राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ेगा।

जुलाई आंदोलन और NCP की भूमिका

पूर्व प्रधानमंत्री ने जुलाई आंदोलन के बाद बने नेशनल सिटिज़न्स पार्टी (NCP) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं ने बेहतर भविष्य की उम्मीद में NCP का साथ दिया था, वे अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। हसीना का आरोप है कि NCP ने अपने वादे पूरे नहीं किए और धीरे-धीरे जमात के साथ गठबंधन कर लिया।

जमात के साथ गठबंधन पर तीखा हमला

शेख हसीना ने कहा कि शुरुआत में NCP ने खुद को युवा आंदोलन के प्रतीक के रूप में पेश किया, लेकिन कुछ ही महीनों में उसने उस पार्टी से हाथ मिला लिया जो 1971 के मुक्ति संग्राम के खिलाफ थी। उन्होंने जमात पर हिंसा, धमकी और डर के जरिए वोट हासिल करने का आरोप लगाया और कहा कि यह गठबंधन बांग्लादेश के धर्मनिरपेक्ष संविधान को कमजोर करना चाहता है।

अवामी लीग की उपलब्धियों का जिक्र

हसीना ने कहा कि अवामी लीग की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक देश में घरेलू आतंकवाद को रोकना और एक सहिष्णु, उदार समाज का निर्माण करना रहा है। उनके अनुसार, उनकी सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि अलग-अलग धर्मों के लोग शांति और सम्मान के साथ रह सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि नया राजनीतिक गठबंधन इन सभी उपलब्धियों को नुकसान पहुंचा सकता है।

BNP और तारिक रहमान की वापसी

अवामी लीग के चुनाव से बाहर होने के बाद जमात-NCP गठबंधन का सीधा मुकाबला अब BNP से है। खालिदा ज़िया के निधन के बाद उनके बेटे तारिक रहमान की वापसी से BNP को नई ऊर्जा मिली है। हालांकि, शेख हसीना ने कहा कि तारिक की वापसी किसी सुधार का संकेत नहीं है, बल्कि यह देश को पीछे की ओर ले जाएगी।

भ्रष्टाचार और लोकतंत्र पर अंतिम टिप्पणी

हसीना ने दावा किया कि BNP के कार्यकर्ता आगामी 12 फरवरी के चुनावों में मतदाताओं को डराकर वोट दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसे लोकतंत्र की बहाली कहा जा सकता है। उनके अनुसार, बांग्लादेश पहले ही भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग की भारी कीमत चुका चुका है और अब देश को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो जनता की वास्तविक आकांक्षाओं को समझ सके।

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