Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर में करोड़ों का घपला? दान पात्र से चोरी पर मचा हड़कंप, ट्रस्ट ने की SIT जांच की मांग

अयोध्या के राम मंदिर में दान पात्रों से धनराशि चोरी होने का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सीएम योगी से SIT जांच की मांग की है, जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट में CBI जांच और CAG फोरेंसिक ऑडिट के लिए जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। इस बीच डेढ़ करोड़ रुपये बरामद होने की अटकलें भी तेज हैं।

Ayodhya Ram Mandir Donation Scam

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 13, 2026

Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में दान पात्रों से भारी मात्रा में धनराशि चोरी होने का मामला अब बेहद गंभीर मोड़ ले चुका है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर हर स्तर पर सवाल उठ रहे हैं और सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक तरह-तरह की अफवाहें फैल रही हैं। इस गहराते विवाद को शांत करने और दूध का दूध, पानी का पानी करने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा कदम उठाया है।

योगी सरकार से विशेष जांच दल की मांग

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे हस्तक्षेप का अनुरोध किया है। ट्रस्ट ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच एक विशेष जांच दल (SIT) के माध्यम से कराई जाए। ट्रस्ट के पदाधिकारियों का मानना है कि जनता के बीच फैल रही भ्रामक जानकारियों को रोकने और वास्तविक तथ्यों को जनता के सामने लाने के लिए एक उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच बेहद आवश्यक है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका

एक तरफ जहां ट्रस्ट सरकार से जांच की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह पूरा मामला अब अदालत की चौखट पर भी पहुंच गया है। इस कथित वित्तीय हेराफेरी और घपले की स्वतंत्र, विश्वसनीय और एक निश्चित समय सीमा के भीतर जांच कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल कर दी गई है।

CBI जांच और कैग ऑडिट की मांग

अधिवक्ता मोहित अशोक द्वारा दायर की गई इस याचिका में कोर्ट से बेहद कड़े कदम उठाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने अपील की है कि इस पूरे मामले की कमान देश की शीर्ष जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए। इसके साथ ही, राम मंदिर ट्रस्ट के खातों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से उनके सभी खातों का एक विशेष फोरेंसिक ऑडिट कराने की भी मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई है।

डेढ़ करोड़ रुपये की बरामदगी की अटकलें

इस पूरे विवाद के बीच अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि जांच एजेंसियों ने कथित गबन की राशि में से करीब डेढ़ करोड़ रुपये बरामद कर लिए हैं। सूत्रों का दावा है कि विभिन्न सुरक्षा और जांच एजेंसियां इस समय संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ कर रही हैं। इसके अलावा, कई संदिग्ध बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की भी गहन पड़ताल और छानबीन की जा रही है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

हालांकि, करोड़ों रुपये की इस कथित बरामदगी को लेकर अभी तक सस्पेंस बना हुआ है। अब तक किसी भी आधिकारिक जांच एजेंसी या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से डेढ़ करोड़ रुपये मिलने को लेकर कोई भी औपचारिक बयान या पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में इन दावों में कितनी सच्चाई है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है और सभी को आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार है।