Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर में उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब एक कश्मीरी युवक को कथित रूप से नमाज पढ़ने की कोशिश करते हुए सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में ले लिया। यह घटना सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और पूरे परिसर में जांच बढ़ा दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने तुरंत युवक से पूछताछ शुरू की।
हिरासत में लिए गए युवक की पहचान
पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान अहमद शेख के रूप में हुई है, जो जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले का निवासी है। शुरुआती पूछताछ में युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद पुलिस ने उसके बारे में विस्तृत जानकारी जुटानी शुरू की। घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं शुरू हो गई थीं, जिसके चलते प्रशासन ने मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए सावधानी बरती।
परिजनों ने बताया मानसिक बीमारी का मामला
पुलिस अधीक्षक (नगर) चक्रपाणि त्रिपाठी ने जानकारी दी कि हिरासत में लिए जाने के बाद अहमद शेख के परिजन कश्मीर से अयोध्या पहुंचे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि शेख मानसिक रूप से बीमार है और उसका इलाज लंबे समय से चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि उसकी मानसिक स्थिति स्थिर नहीं रहती, जिसके कारण वह अक्सर असामान्य व्यवहार करता है।
मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जांच
एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी के मुताबिक, परिजनों ने अपने दावे के समर्थन में अहमद शेख की मेडिकल रिपोर्ट और अन्य चिकित्सीय दस्तावेज भी पुलिस के सामने पेश किए। इन रिपोर्टों की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि युवक वास्तव में मानसिक बीमारी से पीड़ित है। पुलिस अधिकारियों ने मेडिकल दस्तावेजों का सत्यापन किया और डॉक्टरों की राय भी ली।
परिजनों को सौंपा गया युवक
सभी तथ्यों और मेडिकल सबूतों की पुष्टि के बाद पुलिस ने रविवार, 11 जनवरी 2026 को अहमद शेख को औपचारिक रूप से उसके परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामले में कोई आपराधिक मंशा सामने नहीं आई है और युवक की मानसिक स्थिति को देखते हुए मानवीय आधार पर यह निर्णय लिया गया।इस घटना के बाद राम मंदिर परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार अलर्ट मोड में हैं। परिसर में आने-जाने वाले लोगों की निगरानी बढ़ाई गई और नियमित जांच की गई।
कश्मीरी शॉल विक्रेताओं से भी पूछताछ
जांच के दौरान अयोध्या में शॉल बेचने वाले कुछ कश्मीरी युवकों से भी पूछताछ की गई। एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि यह पूछताछ पूरी तरह एहतियातन की गई थी। जांच में उनके पास से कोई भी आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई।पुलिस ने शॉल बेचने वाले कश्मीरी युवकों के पते और पहचान का सत्यापन किया। सभी तथ्य सही पाए जाने के बाद उन्हें उनके सामान के साथ छोड़ दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया गया है और जांच प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार की गई।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन साथ ही मानवीय दृष्टिकोण भी उतना ही जरूरी है। इस मामले में तथ्यों और मेडिकल प्रमाणों के आधार पर उचित निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
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