Ashok Dham Temple stampede: बिहार के लखीसराय में स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी के पावन अवसर पर एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के बाहरी परिसर में अचानक मची भगदड़ के कारण 7 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हृदयविदारक घटना में 8 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल लखीसराय में भर्ती कराया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर मृतकों की संख्या में अभी और इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में कोहराम मच गया और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
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कैसे और कहां हुई यह दुर्घटना?
यह पूरी दुर्भाग्यपूर्ण घटना अशोकधाम रेलवे स्टेशन से मंदिर की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर हुई। सावन के तीसरे सोमवार के चलते सुबह से ही इस मार्ग पर श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा हुआ था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना से कुछ समय पहले रात के वक्त इसी मार्ग पर बिजली का एक पोल तारों समेत जमीन पर आ गिरा था। सावन के पवित्र दिन पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए सुबह तड़के जब कांवरियों और श्रद्धालुओं का सैलाब उस रास्ते से गुजर रहा था, तभी वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
करंट फैलने की झूठी अफवाह बनी भगदड़ की वजह
सुबह के वक्त जब हजारों की संख्या में कांवरिया और भक्त मंदिर की तरफ बढ़ रहे थे, तो मार्ग में पड़े टूटे हुए बिजली के पोल को लेकर करंट प्रवाहित होने की अफवाह तेजी से फैल गई।
अफवाह फैलते ही श्रद्धालुओं के बीच भारी दहशत और डर का माहौल पैदा हो गया। खुद को बचाने के लिए लोग अनियंत्रित होकर इधर-उधर भागने लगे, जिससे अचानक भगदड़ (Stampede) की स्थिति उत्पन्न हो गई। भागदौड़ के इस भयानक मंजर में कई श्रद्धालु एक-दूसरे के नीचे दब गए और कुचल गए।
हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। हालांकि, मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और सतर्क श्रद्धालुओं ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू किया और दबे हुए लोगों को बाहर निकालना शुरू किया।
प्रशासन की सक्रियता और राहत कार्य
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर रवाना हुए। प्रशासनिक टीम ने मोर्चा संभालते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और घायलों को तुरंत एंबुलेंस व अन्य माध्यमों से सदर अस्पताल लखीसराय पहुंचाया, जहां उनका इलाज युद्ध स्तर पर जारी है। प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाने और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पौराणिक और धार्मिक महत्व वाला अशोकधाम मंदिर
लखीसराय का यह अशोकधाम मंदिर श्री इन्द्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से देश भर में विख्यात है। इस प्राचीन मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता बहुत अधिक है। यहां स्थापित विशाल शिवलिंग पालकालीन है, जो जमीन की खुदाई के दौरान प्राप्त हुआ था।
सावन के महीने में, विशेषकर हर सोमवार को यहां दूर-दूर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। सावन की तीसरी सोमवारी के इस पावन पर्व पर उमड़ी भारी भीड़ के दौरान हुई इस त्रासद घटना ने पूरे राज्य को गमगीन कर दिया है।
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