Mukesh Khanna: ‘जन गण मन’ की जगह ‘वंदे मातरम’! मुकेश खन्ना ने उठाई राष्ट्रगान बदलने की मांग

मुकेश खन्ना ने ‘जन गण मन’ की जगह ‘वंदे मातरम’ को भारत का राष्ट्रगान बनाने की मांग उठाकर नई बहस छेड़ दी है। अभिनेता ने राष्ट्रगान के इतिहास और महत्व पर अपने विचार रखे। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक मंचों तक इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।

‘जन गण मन’ की जगह ‘वंदे मातरम’!

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 17, 2026

Mukesh Khanna: बॉलीवुड अभिनेता और ‘शक्तिमान’ के लिए मशहूर मुकेश खन्ना एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने भारत के राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को बदलकर ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान बनाए जाने की मांग की है। उनके इस बयान के बाद राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर ‘जन गण मन’ भारत का राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रीय गीत है। भारत सरकार के राष्ट्रीय पोर्टल पर भी दोनों की यही स्थिति दर्ज है।

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‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान बनाने की मांग

आईएएनएस से बातचीत के दौरान मुकेश खन्ना ने कहा कि वह लंबे समय से ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान बनाए जाने की मांग करते रहे हैं। अभिनेता ने ‘जन गण मन’ के इतिहास और इसकी उत्पत्ति को लेकर भी अपने विचार रखे। उन्होंने दावा किया कि ‘जन गण मन’ को ब्रिटिश शासक वर्ग के सम्मान में लिखा गया था और इसे भारत के राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार करना उचित नहीं था। खन्ना ने इसके विपरीत ‘वंदे मातरम’ को देश की स्वतंत्रता की भावना और राष्ट्रभक्ति से जुड़ा गीत बताया।

उनके मुताबिक, ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक महत्व मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने इस गीत का एक लंबा संस्करण रिकॉर्ड किया है, जिसे वह ऐतिहासिक महत्व वाला बनाना चाहते हैं।

‘जन गण मन’ हटाने की बात पर जोर

मुकेश खन्ना ने अपने बयान में कहा कि वह चाहते हैं कि ‘जन गण मन’ की जगह जल्द से जल्द ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान का दर्जा मिले। उन्होंने देश में ‘वंदे मातरम’ के बढ़ते महत्व का भी उल्लेख किया। हाल के वर्षों में ‘वंदे मातरम’ को लेकर सार्वजनिक और सरकारी कार्यक्रमों में चर्चा बढ़ी है। केंद्र सरकार ने इसके 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर वर्षभर के कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं।

‘वंदे मातरम’ का क्या है आधिकारिक दर्जा?

यहां यह समझना जरूरी है कि फिलहाल ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान नहीं बनाया गया है। भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ है, जबकि ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रीय गीत है। भारत के राष्ट्रीय पोर्टल पर दोनों की अलग-अलग आधिकारिक श्रेणियां मौजूद हैं। हाल में ‘वंदे मातरम’ को लेकर एक और महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। 2026 में इसे राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून के तहत राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण दिए जाने की खबर सामने आई है। इसका मतलब यह नहीं है कि दोनों की आधिकारिक संवैधानिक/राष्ट्रीय पहचान एक जैसी हो गई है।

पहले भी विवादित बयानों से चर्चा में रहे हैं

मुकेश खन्ना अपने स्पष्ट और बेबाक विचारों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। 1990 के दशक में ‘शक्तिमान’ के किरदार से घर-घर में लोकप्रिय हुए अभिनेता कई सामाजिक और मनोरंजन से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखते रहे हैं। इससे पहले भी वह कॉमेडियन समय रैना को लेकर दिए गए बयान के कारण चर्चा में आए थे। सोशल मीडिया पर उन्होंने समय रैना के एक शो में ‘शक्तिमान’ के संदर्भ को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।

अब ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ को लेकर उनका ताजा बयान एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि राष्ट्रगान में बदलाव का फैसला किसी व्यक्ति की मांग से नहीं, बल्कि निर्धारित संवैधानिक और आधिकारिक प्रक्रिया के तहत ही हो सकता है।

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