Amit Shah Resignation: अमित शाह के इस्तीफे की मांग तेज, राहुल गांधी के बाद अभिजीत दीपके ने लगाए गंभीर आरोप

दिल्ली में छात्रों पर कार्रवाई को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़े राजनीतिक टकराव में बदलता नजर आ रहा है। राहुल गांधी के बाद अभिजीत दीपके ने भी अमित शाह के इस्तीफे की मांग कर दी है। उन्होंने बल प्रयोग, लोकतंत्र और संस्थाओं को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। जानिए पूरा मामला।

अमित शाह के इस्तीफे की मांग तेज

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 31, 2026

Amit Shah Resignation: दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग किए जाने के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने भी इसी मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ जिस प्रकार बल प्रयोग किया गया, उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए और गृह मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने पर विचार करना चाहिए।

Bhiwandi Building Collapse: चार मंजिला इमारत गिरने से मचा हड़कंप, एक की मौत, 6 लोगों के दबने के आसार

छात्रों पर बल प्रयोग को लेकर लगाए गंभीर आरोप

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई उच्च स्तर पर लिए गए फैसले का परिणाम हो सकती है। उनका दावा है कि इस प्रकार के बल प्रयोग की अनुमति बिना शीर्ष स्तर की मंजूरी के संभव नहीं है। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया।

चंदे के मुद्दे पर भी उठाए सवाल

दीपके ने उन आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें कहा जा रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी को विदेशी स्रोतों से आर्थिक सहायता मिल रही है या आंदोलन को बाहर से समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी बातें सही हैं, तो यह देश की सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार, यदि किसी संगठन को विदेश से सहायता मिल रही है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित सुरक्षा तंत्र की भी बनती है।

लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर जताई चिंता

छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आ रही हैं। उनका मानना है कि लोकतंत्र की मजबूती केवल राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी संवैधानिक संस्थाओं और नागरिकों की भी समान भागीदारी आवश्यक है।

विपक्ष ही नहीं, जनता की भी जिम्मेदारी

दीपके ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा को केवल विपक्ष का मुद्दा मानना उचित नहीं होगा। उन्होंने नागरिकों से लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए जागरूक और एकजुट रहने की अपील की। उनके अनुसार, यदि जनता सक्रिय भूमिका निभाएगी, तभी लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत बनी रह सकेगी।

जांच एजेंसियों के इस्तेमाल पर भी उठाए सवाल

अपने बयान में अभिजीत दीपके ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि अतीत में विभिन्न राजनीतिक घटनाओं के दौरान इन एजेंसियों की भूमिका पर लगातार बहस होती रही है। साथ ही उन्होंने न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लोकतंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।

Amit Shah Pune Visit: दौरे से पहले सियासी घमासान, प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

राजनीतिक बहस के बीच बढ़ा विवाद

राहुल गांधी और अभिजीत दीपके के बयानों के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है। जहां विपक्ष सरकार की भूमिका पर सवाल उठा रहा है, वहीं सत्तापक्ष की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। फिलहाल छात्रों पर हुई कार्रवाई और उससे जुड़े राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।