Bhiwandi Building Collapse: महाराष्ट्र के भिवंडी शहर में गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा सामने आया, जब बालाजी नगर-गंगारामवाड़ी इलाके में स्थित कोहिनूर अपार्टमेंट नाम की चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मलबे के नीचे अभी भी 5 से 6 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।
Weather Update: देशभर में बदला मौसम का मिजाज, 19 राज्यों में बारिश का अलर्ट
संकरी गलियों ने बचाव कार्य को किया प्रभावित
घटना के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस, महानगरपालिका की आपदा प्रबंधन टीम, एनडीआरएफ (NDRF) और टीडीआरएफ (TDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं। हालांकि, घटनास्थल तक पहुंचने का रास्ता संकरा होने के कारण शुरुआती घंटों में राहत कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बाद में रास्ते में मौजूद एक पुरानी चॉल को जेसीबी मशीन से हटाया गया, जिसके बाद बचाव दल मलबे तक पहुंचकर तेज़ी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर सका।
पहले से जर्जर घोषित थी इमारत
प्रशासन के अनुसार, कोहिनूर अपार्टमेंट को पहले ही खतरनाक भवन घोषित किया जा चुका था। नगर निगम ने इमारत को खाली करने के लिए नोटिस भी जारी किया था। इमारत के एक हिस्से में ग्राउंड फ्लोर के पिलर कमजोर पाए गए थे, जिनकी मरम्मत का कार्य चल रहा था। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि मरम्मत के दौरान संरचना और कमजोर हो गई, जिससे पूरी इमारत ढह गई।
शाम से दिखाई देने लगी थीं दरारें
स्थानीय लोगों के मुताबिक गुरुवार शाम करीब छह बजे से इमारत की दीवारों और ढांचे में दरारें दिखाई देने लगी थीं। रात करीब आठ बजे भवन के झुकने की सूचना मिलने पर नगर निगम के अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। कई निवासी सुरक्षित बाहर आ गए थे, लेकिन कुछ लोग अपना सामान लेने और मरम्मत कार्य में लगे होने के कारण इमारत के अंदर ही मौजूद थे। इसी दौरान भवन अचानक गिर गया।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने बताया कि अधिकतर निवासियों को पहले ही बाहर निकाल लिया गया था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। महापौर ने नागरिकों से अपील की कि जिन इमारतों को खतरनाक घोषित किया गया है, उनमें रहने का जोखिम न उठाएं। प्रभावित परिवारों के अस्थायी ठहरने के लिए पास के स्कूलों और सामुदायिक भवनों में व्यवस्था की गई है।
महिला ने दिखाई हिम्मत, खुद बचाई जान
हादसे के समय इमारत में रहने वाले अरविंद गुप्ता और उनकी पत्नी किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन उनकी बेटी कोमल मलबे में फंस गई। कठिन परिस्थितियों के बावजूद कोमल ने साहस का परिचय देते हुए खुद ही मलबे से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। उसने बताया कि इमारत में पिलरों की मरम्मत चल रही थी, तभी अचानक पूरी बिल्डिंग भरभराकर गिर गई।
स्थानीय लोगों ने भी निभाई अहम भूमिका
हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों और स्थानीय युवकों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और दो फंसे हुए लोगों को भी मलबे से निकालने में मदद की। फिलहाल एनडीआरएफ, टीडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मलबे की तलाशी में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।










