Rahul Gandhi Rijiju Meeting: बाहर बहस और अंदर दोस्ताना मुलाकात, राहुल गांधी-रिजिजू बैठक क्यों चर्चा में

संसद के भीतर राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। बाहर दोनों दलों के बीच तीखी बहस जारी रही, लेकिन बंद कमरे में हुई दोस्ताना बातचीत ने कई सवाल खड़े कर दिए। आखिर इस मुलाकात का मकसद क्या था और इसमें क्या चर्चा हुई?

Rahul Gandhi Rijiju Meeting

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 30, 2026

Rahul Gandhi Rijiju Meeting: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में उस समय राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर तीखे हमले किए। राहुल गांधी के बयानों और सरकार विरोधी तीखे तेवरों के बाद सदन में जमकर हंगामा देखने को मिला। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया, जिससे सदन की कार्यवाही के दौरान तीखी नोकझोंक और तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।

किरेन रिजिजू ने गृह मंत्री अमित शाह पर की गई टिप्पणी पर मांगी माफी

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन की कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर की गई टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इस बयान को लेकर राहुल गांधी से माफी की मांग की। रिजिजू का यह रुख सत्ता पक्ष के अन्य सदस्यों के सुर में सुर मिलाते हुए सामने आया, जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक टकराव और अधिक गहरा गया।

राजनीतिक गतिरोध के बीच संसद भवन में हुई एक दिलचस्प मुलाकात

सदन के भीतर तीखी बहस और राजनीतिक तनाव के बीच संसद भवन के गलियारों में एक ऐसी मुलाकात हुई जिसकी चर्चा पूरे राजनीतिक जगत में फैल गई। यह मुलाकात किसी और की नहीं, बल्कि तीखी बहस करने वाले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच हुई। इस सौहार्दपूर्ण मुलाकात ने साबित कर दिया कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद भारतीय राजनीति में व्यक्तिगत संवाद के द्वार खुले रहते हैं।

राहुल गांधी ने किरेन रिजिजू को अपने कमरे में आने का दिया न्योता

लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद संसद परिसर में राहुल गांधी और किरेन रिजिजू आमने-सामने आ गए। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने मजाकिया और दोस्ताना अंदाज में रिजिजू का हाथ पकड़ा और उनसे पूछा कि क्या वे कभी उनके संसद स्थित कमरे में आए हैं। जब किरेन रिजिजू ने न में जवाब दिया, तो राहुल गांधी मुस्कुराए और सहज भाव से कहा कि चलिए, आज मेरे कमरे में चलते हैं।

दोनों नेताओं के बीच करीब पांच मिनट तक हुई अनौपचारिक बातचीत

राहुल गांधी के इस आत्मीय निमंत्रण को स्वीकार करते हुए किरेन रिजिजू उनके संसद भवन स्थित कमरे संख्या जी-41 में पहुंचे। वहां दोनों नेताओं के बीच लगभग पांच मिनट तक बेहद हल्के-फुल्के माहौल में अनौपचारिक बातचीत हुई। इस छोटी सी मुलाकात के दौरान दोनों के चेहरों पर मुस्कान थी और राजनीतिक कड़वाहट से दूर एक सहज संवाद देखने को मिला।

कैलाश मानसरोवर की तस्वीर के सामने दोनों नेताओं ने खिंचवाईं तस्वीरें

कमरे के अंदर की सजावट और माहौल पूरी तरह मित्रवत था। राहुल गांधी के कमरे की दीवार पर पवित्र कैलाश मानसरोवर की एक खूबसूरत तस्वीर लगी हुई है। राहुल ने खुद आगे बढ़कर किरेन रिजिजू से कहा कि आइए, इसी तस्वीर के सामने खड़े होकर साथ में कुछ तस्वीरें खिंचवाते हैं। दोनों ने हस्ते-मुस्कुराते हुए इस यादगार पल को कैमरे में कैद करवाया।

संसद के गतिरोध या किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर नहीं हुई कोई चर्चा

इस अनौपचारिक मुलाकात की सबसे खास बात यह रही कि इस दौरान देश के किसी भी बड़े राजनीतिक मुद्दे या सदन में चल रहे गतिरोध पर कोई चर्चा नहीं हुई। दोनों नेताओं ने पूरी तरह से राजनीति से परे हटकर सौहार्दपूर्ण बातें कीं। कुछ समय पहले तक जो नेता सदन में एक-दूसरे के आमने-सामने कड़े तेवर दिखा रहे थे, वे कमरे में बैठकर सामान्य मित्रों की तरह बातचीत कर रहे थे।

इससे पहले भी शीतकालीन सत्र में देखी जा चुकी है दोनों की सहजता

यह पहला मौका नहीं है जब राहुल गांधी और किरेन रिजिजू के बीच इस तरह की दोस्ताना और सौहार्दपूर्ण बातचीत देखने को मिली हो। पिछले वर्ष शीतकालीन सत्र के दौरान भी संसद हमले की बरसी पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में दोनों नेताओं के बीच ऐसा ही दोस्ताना अंदाज नजर आया था, जो मीडिया की सुर्खियों में रहा था।

ठंड के बावजूद राहुल की टी-शर्ट पर रिजिजू ने की थी फिटनेस की चर्चा

पिछले वर्ष उस श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान कड़ाके की ठंड पड़ रही थी, लेकिन राहुल गांधी उस दौरान भी टी-शर्ट पहने नजर आए थे। उस वक्त किरेन रिजिजू ने मजाकिया अंदाज में राहुल गांधी की फिटनेस और उनकी सहनशक्ति को लेकर चुटकी ली थी। दोनों नेताओं के बीच का यह आपसी तालमेल यह दर्शाता है कि राजनीतिक लड़ाइयों से परे संसद के भीतर एक स्वस्थ व्यक्तिगत रिश्ता भी कायम रहता है।

Read More :  Chhota Rajan Passport Case: फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट मामले में छोटा राजन को 7 साल की सजा, CBI कोर्ट का फैसला