Aaj Ka Mausam: देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इसका असर उत्तर, पूर्व, पश्चिम, मध्य तथा दक्षिण भारत के कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार, 29 जुलाई 2026 के लिए कई इलाकों में भारी से अत्यधिक बारिश, तेज आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।
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इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग और मौसम एजेंसी स्काईमेट के अनुसार आने वाले चार से पांच दिनों तक देश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा सहित कई राज्यों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना बनी हुई है। कई जिलों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की भी आशंका व्यक्त की गई है।
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार के अनेक जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी तेज बारिश और तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का बढ़ा खतरा
लगातार हो रही बारिश के कारण उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन तथा नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका बनी हुई है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों और पर्यटकों को मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही सफर करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भी मौसम रहेगा खराब
पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। लगातार बारिश के चलते ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है।
दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भी तेज बारिश जारी रहने की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और ऊंची समुद्री लहरों को देखते हुए मछुआरों को फिलहाल समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
मानसून क्यों हुआ इतना सक्रिय?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी और उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण मानसून मजबूत बना हुआ है। इसी वजह से कई क्षेत्रों में कम समय के भीतर अत्यधिक वर्षा दर्ज की जा रही है। यह स्थिति अचानक बाढ़, जलभराव और फसलों को नुकसान पहुंचाने का कारण बन सकती है।
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लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम विभाग ने जिन इलाकों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, वहां लोगों को केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। खुले मैदान, बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है। किसानों, मछुआरों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रा करना जरूरी हो तो पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। खराब मौसम के दौरान सावधानी और सतर्कता ही किसी भी संभावित खतरे से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।










