Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती बारामूला जिले के उड़ी सेक्टर से मंगलवार को एक बेहद चिंताजनक और गंभीर खबर सामने आई है। देश की सीमाओं की रक्षा में हर पल मुस्तैद रहने वाले भारतीय सेना के दो जांबाज जवान नियंत्रण रेखा (LoC) के नजदीक हुए एक लैंडमाइन विस्फोट (माइन ब्लास्ट) की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस अचानक हुई दुर्घटना के बाद सैन्य छावनी और सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया, जिसके बाद तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
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कामालकोट सब-सेक्टर में हुआ हादसा
सरकारी और सैन्य अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा उड़ी के संवेदनशील कामालकोट सब-सेक्टर में स्थित ‘अपर गढ़’ फॉरवर्ड पोस्ट के बिल्कुल करीब हुआ। यह पूरा क्षेत्र रणनीतिक और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। इस इलाके में भारतीय सेना की 12 इन्फैंट्री ब्रिगेड के तहत 8 राष्ट्रीय राइफल्स (8 RR) के जवान देश की हिफाजत के लिए तैनात हैं। यह घटनास्थल उरी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
गश्त के दौरान हुआ जोरदार धमाका
प्राप्त विवरण के मुताबिक, मंगलवार को जब सेना के जवान अपनी नियमित गश्त (पेट्रोलिंग) और रूटीन ड्यूटी पर तैनात थे, तभी अचानक वहां एक पुरानी लैंडमाइन में जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट की आवाज इतनी भीषण थी कि आसपास के पूरे अग्रिम क्षेत्र में उसकी गूंज सुनाई दी। इस अचानक हुए माइन ब्लास्ट की चपेट में आने से दो बहादुर जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल जवानों की पहचान और त्वरित मेडिकल सहायता
हादसे में घायल हुए दोनों जवानों की आधिकारिक पहचान कर ली गई है:
दफादार विजय कुमार (आयु 42 वर्ष)
नायक शरणप्पा अंगारी (आयु 28 वर्ष)
ये दोनों ही वीर सैनिक 8 राष्ट्रीय राइफल्स के अंग हैं और अपनी कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते हैं। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य साथी जवानों ने असाधारण सूझबूझ, साहस और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए दोनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटनास्थल पर ही उन्हें प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) दी गई, ताकि रक्तस्राव को रोका जा सके। इसके बाद समय गंवाए बिना सेना के विशेष हेलीकॉप्टर की मदद से दोनों घायल जवानों को तुरंत श्रीनगर के बादामीबाग स्थित सेना के प्रतिष्ठित 92 बेस अस्पताल में एयरलिफ्ट करके पहुंचाया गया।
अस्पताल में इलाज जारी, स्थिति पर डॉक्टरों की नजर
सेना के बेस अस्पताल में दोनों घायल जवानों का तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया है। अस्पताल के वरिष्ठ और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम दोनों जवानों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार बारीकी से नजर बनाए हुए है। सेना के उच्च अधिकारियों ने घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल पहुंचकर जवानों के स्वास्थ्य का जायजा लिया। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि हमारे सैनिक कितनी कठिन परिस्थितियों और जान जोखिम में डालकर देश की सरहदों की हिफाजत करते हैं।










