योगी सरकार विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा देकर बनाना चाहती है सक्षम

लखनऊ योगी सरकार में विद्यार्थियों के रोजगारपरक शिक्षा व कौशल विकास पर प्राथमिकता से ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के गन्ना एवं चीनी विभाग ने सहकारी गन्ना समितियों के माध्यम से संचालित विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता व विद्यार्थियों के कौशल विकास को नई दिशा देने की पहल शुरू की है। इसके लिए वाधवानी फाउंडेशन की सहयोगी संस्था स्किल्स डेवलपमेंट नेटवर्क (एसडीएन) के सहयोग से प्रदेश के चयनित शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 13 जुलाई से 15 जुलाई, 2026 तक लाल बहादुर शास्त्री

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Published On :

जुलाई 12, 2026

लखनऊ

योगी सरकार में विद्यार्थियों के रोजगारपरक शिक्षा व कौशल विकास पर प्राथमिकता से ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के गन्ना एवं चीनी विभाग ने सहकारी गन्ना समितियों के माध्यम से संचालित विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता व विद्यार्थियों के कौशल विकास को नई दिशा देने की पहल शुरू की है। इसके लिए वाधवानी फाउंडेशन की सहयोगी संस्था स्किल्स डेवलपमेंट नेटवर्क (एसडीएन) के सहयोग से प्रदेश के चयनित शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 13 जुलाई से 15 जुलाई, 2026 तक लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान, लखनऊ में आयोजित होगा। इसमें प्रदेश के 8 प्रमुख गन्ना उत्पादक जिलों बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, बलरामपुर और बस्ती से चयनित 40 शिक्षक प्रतिभाग करेंगे। उत्तर प्रदेश गन्ना एवं चीनी आयुक्त मिनिस्ती एस. के मुताबिक प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक कौशल, रोजगारपरक शिक्षा और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना है, ताकि वे अपने-अपने शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को नई तकनीकों और रोजगारपरक कौशल से जोड़ सकें। इससे छात्रों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करने में सहायता मिलेगी।

भविष्य की प्रतिस्पर्धी चुनौतियों के लिए तैयार करने का लक्ष्य
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद शिक्षक सहकारी गन्ना समितियों के सहयोग से संचालित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने का कार्य करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में व्यावहारिक दक्षता विकसित कर उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धी चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है।