UP News: जनता दर्शन में CM योगी का सख्त संदेश, छोटी घटना पर भी अफसरों की जवाबदेही तय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। छोटी घटनाओं को बड़ा बनाकर वैमनस्य फैलाने की कोशिशों पर सीएम ने DM और SP को सतर्क रहने को कहा। पुलिस-राजस्व शिकायतों पर भी उन्होंने लापरवाही बर्दाश्त न करने की बात कही।

UP News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 21, 2026

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ के दौरान अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनी। मुख्यमंत्री ने एक-एक करके लोगों के प्रार्थना पत्र देखे और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान प्रशासन, पुलिस, राजस्व और बिजली समेत कई विभागों से जुड़ी शिकायतें मुख्यमंत्री के सामने पहुंचीं।

छोटी घटनाओं को बड़ा बनाने वालों पर सीएम योगी सख्त

UP News

बताते चले कि, प्रार्थना पत्रों का अवलोकन करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समाज में वैमनस्यता फैलाने की कोशिश करने वाले लोग छोटी घटनाओं को बड़ा रूप देने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे में जिलों में होने वाली हर छोटी-बड़ी घटना पर प्रशासन और पुलिस को तत्काल सक्रिय होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं छोटी से छोटी घटनाओं पर नजर रखें। किसी घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचें, पीड़ितों की बात सुनें और स्थिति को समझते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। सीएम ने कहा कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबा खींचने के बजाय तथ्यों के आधार पर उसका जल्द समाधान कराया जाए।

जनता दर्शन में पीड़ितों की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में पहुंचे प्रत्येक पीड़ित से मुलाकात की। उन्होंने कुर्सियों पर बैठे लोगों के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों से जुड़ी शिकायतों के प्रार्थना पत्र लिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनशिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और तेजी दोनों दिखाई देनी चाहिए।सीएम योगी ने कहा कि सरकार लंबे समय से बिना भेदभाव के लोगों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए काम कर रही है। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि पात्र लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले। इसके साथ ही जरूरतमंद मरीजों के इलाज की उचित व्यवस्था कराने और भूमाफिया व दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

पुलिस और राजस्व से जुड़ी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी ने जताई नाराजगी

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री के सामने पुलिस और राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों की संख्या अधिक रही। इन शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसएसपी स्तर के अधिकारी नियमित रूप से जनसमस्याओं की समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने राजस्व और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द निपटाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की शिकायतों को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जानकारी लेकर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

जनता दर्शन में बच्चे से मिले सीएम योगी

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। अपनी मां के साथ पहुंचे एक छोटे बच्चे से मुख्यमंत्री ने पहले उसका हालचाल पूछा। इसके बाद उन्होंने बच्चे से उसकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली और पूछा कि वह कहां पढ़ता है।बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चे की तरफ चॉकलेट बढ़ाई। बच्चे ने तुरंत चॉकलेट ले ली। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मजाकिया अंदाज में उससे चॉकलेट वापस मांगी, लेकिन बच्चे ने चॉकलेट लौटाने से इनकार कर दिया। बच्चे की इस मासूम प्रतिक्रिया पर जनता दर्शन में मौजूद लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई और पूरा हॉल खिलखिला उठा।

UP News

मुख्यमंत्री ने बच्चे को उसके उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। जनता दर्शन में एक तरफ जहां मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनशिकायतों के त्वरित समाधान और कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए, वहीं दूसरी तरफ बच्चे के साथ उनकी सहज बातचीत ने माहौल को कुछ देर के लिए हल्का और खुशनुमा बना दिया।