Aleema Khan Arrest : Pakistan में इमरान खान की रिहाई को लेकर घमासान, अलीमा खान गिरफ्तार

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर सियासी तनाव बढ़ता दिख रहा है। PTI के 27 सितंबर के प्रस्तावित मार्च से पहले लाहौर में उनकी बहन अलीमा खान को 30 दिनों के लिए हिरासत में लिया गया। प्रशासन ने सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया है।

Aleema Khan Arrest

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 21, 2026

Aleema Khan Arrest : पाकिस्तान में जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद में मार्च और विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। इसी बीच इमरान खान की बहन अलीमा खान को लाहौर में हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई प्रस्तावित मार्च से ठीक पहले हुई है, जिससे पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।

अलीमा खान को 30 दिन की हिरासत में भेजा गया

लाहौर के डिप्टी कमिश्नर के आदेश के अनुसार अलीमा खान को पंजाब के मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर कानून के तहत 30 दिनों के लिए हिरासत में लेने का आदेश दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें कोट लखपत जेल भेजा गया है। प्रशासन ने कार्रवाई को सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं के आधार पर बताया है।

PTI ने गिरफ्तारी को लेकर सरकार पर लगाए आरोप

अलीमा खान की गिरफ्तारी पर PTI ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है। PTI का कहना है कि यह कदम 27 सितंबर के प्रस्तावित आंदोलन से पहले राजनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश है। हालांकि सरकार की ओर से कार्रवाई के लिए सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कारणों का हवाला दिया गया है।

इमरान खान की रिहाई बनी PTI की प्रमुख मांग

PTI के प्रस्तावित आंदोलन का मुख्य मुद्दा इमरान खान की रिहाई है। पार्टी ने इसके साथ संविधान की सर्वोच्चता और कानून के शासन की मांगों को भी आंदोलन से जोड़ा है। पार्टी की योजना 27 सितंबर को समर्थकों को इस्लामाबाद की ओर जुटाने की है। सरकार ने संकेत दिया है कि वह राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।

सरकार ने प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा बढ़ाई

प्रस्तावित मार्च को देखते हुए पाकिस्तान की राजधानी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की खबरें हैं। सरकार ने कहा है कि शांतिपूर्ण गतिविधियों की अनुमति हो सकती है, लेकिन कानून का उल्लंघन या सार्वजनिक संपत्ति और लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा करने वाली कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी। इस बीच PTI नेताओं की ओर से भी आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए गए हैं।

रोजाना 120 अरब रुपये के नुकसान की चेतावनी

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने प्रस्तावित प्रदर्शनों और धरनों के संभावित आर्थिक प्रभाव पर चिंता जताई है। उनके अनुसार लंबे समय तक आर्थिक गतिविधियां बाधित होने पर देश को रोजाना करीब 120 अरब पाकिस्तानी रुपये का नुकसान हो सकता है। उन्होंने इसे अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर व्यवधान बताते हुए राजनीतिक दलों से बातचीत के जरिए मतभेद सुलझाने की अपील की।

सर्विस सेक्टर को 86 अरब रुपये नुकसान का अनुमान

वित्त मंत्री के आकलन के मुताबिक संभावित व्यवधान का सबसे बड़ा असर सेवा क्षेत्र पर पड़ सकता है। उन्होंने सेवा क्षेत्र में लगभग 86 अरब रुपये प्रतिदिन के नुकसान का अनुमान बताया। इसके अलावा औद्योगिक गतिविधियों पर करीब 25 अरब रुपये और अन्य आर्थिक क्षेत्रों पर भी असर पड़ने की बात कही गई है। सरकार का कहना है कि लंबे विरोध से कारोबार, परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

सरकारी राजस्व पर भी पड़ सकता है असर

मुहम्मद औरंगजेब ने आर्थिक गतिविधियां बाधित होने की स्थिति में सरकारी राजस्व को भी नुकसान की आशंका जताई है। उनके अनुसार व्यवधान से लगभग 17 अरब रुपये के राजस्व नुकसान की स्थिति बन सकती है। उन्होंने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने के लिए राजनीतिक विवादों का समाधान बातचीत और सहमति से करने पर जोर दिया।

जमात-ए-इस्लामी का आंदोलन भी चर्चा में

PTI के आंदोलन के अलावा जमात-ए-इस्लामी ने भी सरकार के खिलाफ अलग मुद्दे पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी पेट्रोलियम डेवलपमेंट लेवी और ईंधन की कीमतों से जुड़े मुद्दे उठा रही है। इस तरह पाकिस्तान में एक ही समय राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों को लेकर अलग-अलग विरोध गतिविधियां सामने आ रही हैं।

27 सितंबर पर टिकी पाकिस्तान की नजर

अलीमा खान की गिरफ्तारी, PTI का प्रस्तावित इस्लामाबाद मार्च और सरकार की आर्थिक चिंता ने 27 सितंबर को महत्वपूर्ण बना दिया है। फिलहाल प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी में है, जबकि PTI इमरान खान की रिहाई समेत अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी कर रही है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच बातचीत, सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक गतिविधियां पाकिस्तान के घटनाक्रम की दिशा तय करेंगी।

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