White House Shooting : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान हुई गोलीबारी की सनसनीखेज घटना के बाद सीबीएस (CBS) न्यूज को एक विशेष इंटरव्यू दिया है। इस बातचीत के दौरान उन्होंने हमले के उन खौफनाक पलों का विवरण साझा किया जब गोलियां चलीं और सुरक्षा घेरे ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। ट्रंप ने न केवल हमले के दौरान अपनी प्रतिक्रिया के बारे में बताया, बल्कि शूटर की पृष्ठभूमि और अमेरिका में बढ़ती राजनीतिक हिंसा पर भी खुलकर अपनी राय रखी।
फायरिंग के दौरान जमीन पर गिरे ट्रंप, सुरक्षा घेरे को लेकर बोले
इंटरव्यू में ट्रंप ने बताया कि जैसे ही फायरिंग शुरू हुई, वे और फर्स्ट लेडी सुरक्षा के लिहाज से तुरंत जमीन पर गिर गए। जब सीक्रेट सर्विस के एजेंट उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए सक्रिय हुए, तो ट्रंप ने उन्हें थोड़ा धीमा कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं वास्तव में देखना चाहता था कि आखिर वहां क्या हो रहा है। मैं सुरक्षा बलों के लिए काम आसान नहीं बना रहा था।” ट्रंप ने स्वीकार किया कि वे बेहतरीन और जांबाज लोगों से घिरे हुए थे, लेकिन अपनी उत्सुकता के कारण उन्होंने इवैक्युएशन (सुरक्षित निकासी) की प्रक्रिया में थोड़ी देरी की।
हमलावर के कट्टरपंथी होने और धार्मिक बदलाव पर बड़ा दावा
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे जानते थे कि शूटर का निशाना वही थे, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने हमलावर के मैनिफेस्टो (घोषणापत्र) का जिक्र करते हुए एक बड़ा दावा किया। ट्रंप ने बताया, “मैंने उसका मैनिफेस्टो पढ़ा है। वह पूरी तरह से रेडिकलाइज़्ड (कट्टरपंथी) हो चुका था। वह पहले एक ईसाई विश्वासी था, लेकिन बाद में वह अचानक कट्टर ईसाई-विरोधी बन गया। उसके स्वभाव और विचारधारा में बहुत बड़ा बदलाव आया था।”
शूटर के परिवार ने पुलिस को पहले ही किया था आगाह
जांच में यह भी सामने आया है कि शूटर के संदिग्ध व्यवहार को लेकर उसके परिवार ने पहले ही पुलिस को सूचना दी थी। शूटर के भाई और बहन ने उसके बदले हुए बर्ताव की रिपोर्ट की थी और पूरा परिवार उसके हिंसक विचारों से परेशान था। अपनी सुरक्षा और चोट की चिंता पर राष्ट्रपति ट्रंप ने बेबाकी से कहा, “मुझे चोट की कोई परवाह नहीं थी। मैं जीवन की सच्चाई को समझता हूँ। दुर्भाग्य से हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जो पागलों से भरी हुई है।”
सुरक्षा बलों की सराहना और राजनीतिक हिंसा पर तीखा हमला
डोनाल्ड ट्रंप ने सुरक्षा प्रोटोकॉल की आलोचनाओं को खारिज करते हुए ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े आयोजन में सुरक्षा को लेकर सवाल उठना आम बात है, लेकिन उनके कर्मियों ने शानदार काम किया। देश में बढ़ती राजनीतिक हिंसा पर उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी को कटघरे में खड़ा किया। ट्रंप ने आरोप लगाया कि अमेरिका में राजनीतिक हिंसा का इतिहास पुराना है, लेकिन विपक्षी दल की ‘हेट स्पीच’ और नफरत भरी बयानबाजी देश के लिए आज सबसे बड़ा खतरा बन गई है।
चीन की भूमिका और ईरान के साथ क्षेत्रीय तनाव पर रुख
इंटरव्यू के अंत में ट्रंप ने वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की। ईरान से जुड़े क्षेत्रीय तनाव और संभावित जंग के खतरे पर उन्होंने चीन की भूमिका का जिक्र किया। फॉक्स न्यूज के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए ट्रंप ने कहा कि चीन इस स्थिति में बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा, “चीन कुछ हद तक मदद कर रहा है, लेकिन वह और अधिक सक्रिय हो सकता है।” हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस मामले में चीन की वर्तमान स्थिति को लेकर बहुत ज्यादा निराश नहीं हैं, लेकिन वे भविष्य में और सहयोग की उम्मीद करते हैं।
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