White House Shooting : वाशिंगटन में आयोजित ह्वाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन डिनर के दौरान हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे अमेरिका को हिलाकर रख दिया है। इस मामले में गिरफ्तार 31 वर्षीय हमलावर कोल टॉमस एलन की एक चिट्ठी (मेनिफेस्टो) ने सनसनीखेज खुलासा किया है। हमले से महज दस मिनट पहले अपने परिवार को भेजे गए इस दस्तावेज़ में एलन ने उन सभी हस्तियों की सूची दी थी, जिन्हें वह निशाना बनाना चाहता था। हैरानी की बात यह है कि उसकी इस “हिटलिस्ट” में ट्रंप प्रशासन के लगभग सभी बड़े नाम शामिल थे, लेकिन उसने एफबीआई के डायरेक्टर काश पटेल को अपनी सूची से बाहर रखा था। हमलावर ने स्पष्ट लिखा कि प्रशासन के सभी उच्चाधिकारियों को वह खत्म करना चाहता है, लेकिन उसने काश पटेल को बख्शने का फैसला क्यों किया, यह रहस्य अभी भी बना हुआ है।
होटल में खूनी खेल: ट्रंप की मौजूदगी में मची अफरातफरी
शनिवार की रात वाशिंगटन हिल्टन होटल में माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करीब दस साल बाद इस प्रतिष्ठित डिनर पार्टी में शामिल होने पहुंचे थे। ट्रंप मीडिया पर अपने चिर-परिचित अंदाज में तीखे प्रहार करने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। सीक्रेट सर्विस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए राष्ट्रपति, फर्स्ट लेडी, उप-राष्ट्रपति और कैबिनेट के सदस्यों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। हमलावर एलन दो पिस्तौल और एक शॉटगन के साथ होटल में दाखिल हुआ था। पुलिस के अनुसार, उसने सुरक्षा घेरा तोड़कर भागने की कोशिश की और सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ के बाद उसे दबोच लिया गया।
“अत्याचारी का साथ देना पाप है”: हमले की दलील
हमलावर ने अपने मेनिफेस्टो में इस हिंसक कदम के पीछे एक धार्मिक और नैतिक तर्क देने की कोशिश की है। उसने लिखा कि वह चुपचाप अत्याचार सहने वालों में से नहीं है। एलन ने ईसाई धर्म के “दूसरा गाल आगे बढ़ाने” के सिद्धांत की अपनी व्याख्या करते हुए लिखा कि जब मासूमों पर अत्याचार हो रहा हो, तब शांत रहना ईसाई व्यवहार नहीं बल्कि अपराधी का साथ देना है। उसने प्रशासन पर शोषण, बलात्कार और देशद्रोह जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए खुद को एक न्याय करने वाले योद्धा के रूप में पेश करने की कोशिश की।
न्यूनतम नुकसान की योजना: गोली के प्रकार का चुनाव
एलन केवल हथियारों के साथ नहीं आया था, बल्कि उसके पास एक विस्तृत तकनीकी योजना भी थी। उसने अपनी चिट्ठी में बताया कि उसने ‘स्लग’ के बजाय ‘बकशॉट’ गोलियों का चुनाव किया क्योंकि वे दीवारों को कम भेदती हैं, जिससे आसपास के कम से कम निर्दोष लोगों को नुकसान हो। हालांकि, उसने यह भी साफ कर दिया कि जो लोग “अपराधियों” का भाषण सुनने आए हैं, वे भी उसके नजरिए में सहयोगी हैं। वह अपने मुख्य निशानों तक पहुँचने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार था, चाहे रास्ते में मौजूद अन्य लोगों को पार करना ही क्यों न पड़े।
कानूनी शिकंजा: संघीय अदालत में होगी हमलावर की पेशी
वाशिंगटन की अमेरिकी अटॉर्नी जीनाइन पिरो ने पुष्टि की है कि कोल टॉमस एलन पर संघीय हथियार अधिनियम और सुरक्षा अधिकारियों पर हमले के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। उसे सोमवार को संघीय अदालत में पेश किया जाएगा। जाँच एजेंसियां अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस साजिश के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था या एलन ने अकेले ही इस योजना को अंजाम दिया। सबसे महत्वपूर्ण सवाल अब भी वही बना हुआ है कि काश पटेल के प्रति उसकी सहानुभूति की असली वजह क्या थी?
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