West Bengal SIR: चुनाव से पहले मतदाता सूची से 91 लाख वोटर बाहर, निर्वाचन आयोग ने जारी किए चौंकाने वाले आंकड़े

पश्चिम बंगाल में न्यायिक निर्णय प्रक्रिया पूरी होने के बाद 91 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।

West Bengal SIR

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 7, 2026

West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर संशोधन किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में हटाए गए मतदाताओं की संख्या अब लगभग 91 लाख तक पहुंच चुकी है। हालांकि, आयोग ने अभी तक अंतिम आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं।

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न्यायिक प्रक्रिया और ई-हस्ताक्षर

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मतदाता सूची से 91 लाख वोटर बाहर

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय की जानकारी के अनुसार, न्यायिक समीक्षा के लिए कुल 60,06,675 मामलों को भेजा गया था। इनमें से 59,84,512 मामलों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और न्यायिक अधिकारियों द्वारा ई-हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। इन मामलों में जिन मतदाताओं को हटाने योग्य माना गया, उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।

इस प्रक्रिया में अब तक हटाए गए नामों की संख्या 27,16,393 है। इससे पहले, SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले, पश्चिम बंगाल में मतदाताओं की कुल संख्या 7,66,37,529 थी। दिसंबर 2025 में प्रकाशित मसौदा सूची में 58,20,899 नाम हटाए गए थे, और 28 फरवरी को जारी अंतिम मतदाता सूची में यह संख्या बढ़कर 63,66,952 हो गई।

न्यायिक अधिकारियों द्वारा 27,16,393 नाम हटाने के बाद, पूरे SIR प्रक्रिया के बाद अब हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या 90,83,345 तक पहुंच गई है।

अपील का अवसर

CEO कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं के नाम न्यायिक जांच में “हटाने लायक” पाए गए हैं, उन्हें अपनी बात रखने और अपील करने का मौका दिया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी योग्य मतदाता को अनावश्यक रूप से हटाया न जाए।

जिलेवार विवरण

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान सबसे ज्यादा मतदाता नाम मुर्शिदाबाद जिले से हटाए गए। इस जिले में कुल 4,55,137 नाम हटाए गए हैं। इसके बाद उत्तर 24 परगना का नंबर आता है, जहां 3,25,666 नाम सूची से हटाए गए। अन्य जिलों में भी मतदाता सूची में बदलाव किए गए हैं, जिससे कुल संख्या लगभग 91 लाख तक पहुंच गई।

आगामी विधानसभा चुनाव

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को बाकी 142 सीटों पर वोटिंग होगी। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि हर योग्य मतदाता को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके और चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी रहे। SIR और न्यायिक समीक्षा के जरिए आयोग यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी भी अनियमित या त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को ठीक समय पर हटाया जाए।

पश्चिम बंगाल SIR प्रक्रिया और न्यायिक समीक्षा ने मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य के मतदाता अब अपनी स्थिति की जांच कर सकते हैं और यदि आवश्यक हो तो अपील कर सकते हैं, ताकि चुनाव में सभी योग्य मतदाता शामिल हो सकें।

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