Uttarakhand Safari: उत्तराखंड में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की तैयारी चल रही है। राजाजी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के लिए फुल डे सफारी शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए रिजर्व प्रबंधन प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में जुटा है। प्रस्ताव लागू होने के बाद पर्यटकों को सुबह से शाम तक जंगल और वन्यजीवों को करीब से देखने का अधिक समय मिल सकेगा।
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फुल डे सफारी के लिए तैयार हो रहा प्रस्ताव
राजाजी टाइगर रिजर्व में वर्तमान में पर्यटक निर्धारित समय के अनुसार सफारी का आनंद लेते हैं। अब प्रबंधन मध्य प्रदेश की तर्ज पर पूरे दिन चलने वाली सफारी व्यवस्था शुरू करने पर विचार कर रहा है। इसके तहत प्रत्येक संबंधित गेट से दो-दो वाहनों को फुल डे सफारी के लिए अनुमति देने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे दिन की सफारी के लिए सामान्य सफारी की तुलना में अधिक शुल्क निर्धारित किया जा सकता है। हालांकि, अंतिम शुल्क और नियमों को लेकर प्रस्ताव को अंतिम रूप दिए जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
इन गेटों से होती है सफारी
राजाजी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के लिए वर्तमान में चीला, मोतीचूर, चिलावाली और रानीपुर गेट प्रमुख प्रवेश बिंदु हैं। इन गेटों के माध्यम से पर्यटक निर्धारित वाहनों के जरिए जंगल सफारी करते हैं। मौजूदा व्यवस्था में सफारी को मुख्य रूप से दो शिफ्ट में संचालित किया जाता है। सुबह और शाम की दोनों शिफ्ट करीब चार-चार घंटे की होती हैं। पर्यटकों को तय समय के भीतर ही जंगल भ्रमण की सुविधा मिलती है।
पर्यटकों को मिलेगा ज्यादा समय

फुल डे सफारी शुरू होने से वन्यजीव प्रेमियों और जंगल को विस्तार से देखने की इच्छा रखने वाले पर्यटकों को काफी अधिक समय मिल सकेगा। पूरे दिन जंगल क्षेत्र में रहने से पर्यटकों के पास वन्यजीवों और प्राकृतिक वातावरण को देखने के ज्यादा अवसर होंगे। प्रबंधन का मानना है कि इस तरह की सुविधा शुरू होने से रिजर्व में पर्यटन गतिविधियों को और विस्तार मिल सकता है। साथ ही, इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के राज्य के प्रयासों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
उत्तराखंड में बढ़ रहा है सफारी पर्यटन
उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों के दौरान इको-टूरिज्म और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ाने के लिए कई नए जोन विकसित किए गए हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सफारी के साथ-साथ अन्य पर्यटन विकल्पों पर भी काम किया जा रहा है। राज्य में सफारी के प्रति लोगों की रुचि बढ़ने का अंदाजा पर्यटकों के आंकड़ों से भी लगाया जा सकता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्य में 6,58,613 पर्यटक सफारी के लिए पहुंचे थे। इसके बाद 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 7,17,939 हो गई। वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में सफारी करने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़कर 8,08,324 पहुंच गई।
बढ़ते पर्यटकों को देखते हुए नई व्यवस्था
लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या को देखते हुए फुल डे सफारी की योजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, उत्तराखंड में अभी तक किसी भी स्थान पर फुल डे सफारी की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। ऐसे में राजाजी टाइगर रिजर्व में यह सुविधा शुरू होने पर राज्य के वन्यजीव पर्यटन को एक नया विकल्प मिल सकता है। फिलहाल प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। अंतिम मंजूरी और संचालन से जुड़े नियम तय होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि फुल डे सफारी कब से शुरू होगी और पर्यटकों के लिए इसकी पूरी व्यवस्था किस प्रकार लागू की जाएगी।
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