West Bengal Politics: अभिषेक बनर्जी पर हमला या साजिश? ममता के आरोपों पर BJP का पलटवार

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के काफिले पर कथित हमले ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है।

West Bengal Politics

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 31, 2026

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन बेहद अशांत रहा। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में कथित हमले ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिषेक बनर्जी यहां चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे, तभी उनके काफिले पर अचानक ईंट, पत्थर और अंडे फेंके गए। इस घटना के बाद से राज्य में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है और टीएमसी व बीजेपी के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

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अभिषेक बनर्जी का आरोप

घटना के बाद मीडिया से बात करते हुए अभिषेक बनर्जी ने इसे एक सुनियोजित जानलेवा हमला करार दिया। उन्होंने कहा, “वे मुझे मारना चाहते थे।” उन्होंने दावा किया कि हमलावरों ने उन पर ईंटों से प्रहार किया, जिससे उनकी आंख में चोट आई है। अभिषेक ने कहा कि यदि उन्होंने हेलमेट नहीं पहना होता, तो उनके सिर पर गंभीर चोट लग सकती थी। उन्होंने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि यह हमला बीजेपी प्रायोजित था और इसमें सुरक्षा व्यवस्था में जानबूझकर चूक की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि वे इस मामले को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगे।

ममता बनर्जी का तीखा पलटवार

इस घटना पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बेहद आक्रामक नजर आईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “शासक हत्यारे बन गए हैं, बीजेपी को शर्म आनी चाहिए।” टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं ने भी इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया। टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय को घेरते हुए पूछा कि मतगणना वाले दिन अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में कटौती क्यों की गई थी। पार्टी का मानना है कि यदि एक प्रमुख सांसद की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

विपक्ष का समर्थन और बीजेपी का पक्ष

इस घटना पर विपक्षी दलों ने भी अपनी चिंता जताई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राजनीतिक मतभेद हिंसा का बहाना नहीं हो सकते। राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र और जनादेश पर हमला करार दिया। अखिलेश यादव और आदित्य ठाकरे ने भी इसे एक सोची-समझी साजिश और कानून-व्यवस्था की विफलता बताया।

वहीं, दूसरी ओर बीजेपी ने भी घटना की निंदा की है, लेकिन साथ ही टीएमसी पर निशाना साधा। बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि हिंसा का समर्थन किसी भी हाल में नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन टीएमसी को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि जनता उनके खिलाफ इतनी आक्रोशित क्यों है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने शांति की अपील करते हुए कहा कि बंगाल की राजनीति को हिंसा मुक्त बनाना ही एकमात्र विकल्प है।

फिलहाल, अभिषेक बनर्जी डॉक्टरों की निगरानी में अपना इलाज करवा रहे हैं। सोनारपुर में हुई यह घटना न केवल एक सुरक्षा चूक का मामला है, बल्कि यह पश्चिम बंगाल में व्याप्त राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ती हिंसा की संस्कृति पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न भी लगाती है।

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