Bengal Political Violence : पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा पर बवाल, दिलीप घोष ने TMC के आरोपों को बताया नाटक

West Bengal Political Violence Updates: पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राजनीतिक हिंसा को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है! टीएमसी द्वारा लगाए गए हिंसा के गंभीर आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता दिलीप घोष ने इसे महज एक 'सस्ता नाटक' करार दिया है। जानिए इस नए विवाद की पूरी इनसाइड स्टोरी।

Bengal Political Violence

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 1, 2026

Bengal Political Violence : पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी नतीजों के बाद भी हिंसा, तनाव और तीखी बयानबाजी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमलों को लेकर राज्य का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। सांसद कल्याण बनर्जी ने खुद पर हुए हमले के लिए सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जिम्मेदार ठहराया था। वहीं अब इस पूरे घटनाक्रम पर बंगाल के कद्दावर नेता और मंत्री दिलीप घोष का बड़ा बयान सामने आया है। दिलीप घोष ने टीएमसी के इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इस पूरी घटना को महज एक राजनीतिक ड्रामा करार दिया है।

सहानुभूति बटोरने के लिए किया जा रहा है नाटक

मीडिया से औपचारिक बातचीत करते हुए मंत्री दिलीप घोष ने टीएमसी सांसद पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से सभी लोगों ने देखा है कि वहां किसी ने भी कल्याण बनर्जी को न तो धक्का दिया और न ही उन पर किसी तरह का कोई शारीरिक हमला किया। उन्होंने आगे कहा कि हमने पहले देश की संसद (सदन) के भीतर भी उनका ऐसा ही नाटक देखा है, और अब यहां बंगाल की सड़कों पर भी हम इसे हर जगह देख रहे हैं। दिलीप घोष ने दो टूक शब्दों में कहा कि ऐसे गैर-गंभीर व्यक्ति की बातों को जनता या सरकार में कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है।

वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश

मंत्री दिलीप घोष ने सांसद के आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि कल्याण बनर्जी एक बेहद वरिष्ठ नेता और पेशे से वकील रहे हैं, लेकिन उनके सार्वजनिक व्यवहार और भाषा शैली को लेकर हमेशा से गंभीर शिकायतें रही हैं। उन्होंने दावा किया कि बनर्जी के विवादित बयानों के कारण आम जनता में उनके खिलाफ काफी गुस्सा और आक्रोश है। ऐसे माहौल में उन्हें खुद भी सतर्क रहना चाहिए और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिना वजह बाहर नहीं निकलना चाहिए। दिलीप घोष ने नसीहत देते हुए कहा कि इस तरह का घटिया राजनीतिक नाटक करना इतने वरिष्ठ पद पर बैठे व्यक्ति को बिल्कुल भी शोभा नहीं देता है।

हुगली जिले में टीएमसी सांसद को झेलना पड़ा भारी विरोध

दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि रविवार को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में बीजेपी के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कथित हिंसक हमले में उनके सिर में गंभीर चोट आई है। यह घटना टीएमसी के कद्दावर नेता अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हुए कथित हमले के ठीक एक दिन बाद घटित हुई। हुगली में कल्याण बनर्जी को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा था, जहां भीड़ ने उन्हें देखते ही ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने शुरू कर दिए थे। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुए हैं, जिसमें कल्याण बनर्जी सिर पकड़कर सड़क पर गिरते हुए दिखाई दे रहे हैं।

चांदीतला पुलिस स्टेशन के पास जानलेवा हमले का आरोप

कथित हमले के तुरंत बाद आक्रोशित कल्याण बनर्जी ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में उन पर जानलेवा हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल ने पहले अभिषेक बनर्जी को निशाना बनाया और अब उन्हें जान से मारने की कोशिश की जा रही है। इस घटना के विरोध में उन्होंने चांदीतला पुलिस स्टेशन के ठीक पास अपने समर्थकों के साथ धरना प्रदर्शन भी किया। उन्होंने बताया कि वह रविवार को चुनाव के बाद राज्य में हुई हिंसा के संबंध में एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपने के लिए हुगली जिले के चांदीतला थाने जा रहे थे, तभी वहां पहले से मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया।

टीएमसी ने राज्य में अराजकता फैलने का मढ़ा दोष

इस घटनाक्रम को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने विपक्षी दल पर तीखा हमला बोला है और राज्य में पूरी तरह से अराजकता फैलने का आरोप लगाया है। टीएमसी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के 24 घंटे के भीतर ही कल्याण बनर्जी पर भी चंडीतला पुलिस स्टेशन के पास हमला कर दिया गया। पार्टी ने सवाल उठाया कि आखिर पुलिस स्टेशन के बाहर उपद्रवियों को इकट्ठा होने की अनुमति कैसे दी गई और पुलिस की नाक के नीचे पत्थरबाजी कैसे हो सकती है? टीएमसी ने कहा कि चुनाव परिणाम घोषित हुए करीब 26 दिन बीत चुके हैं, लेकिन हिंसा बेरोकटोक जारी है, जो लोकतंत्र पर सीधा हमला है।

ममता बनर्जी खुद संभालेंगी कोलकाता में विरोध प्रदर्शन का मोर्चा

इस बीच, टीएमसी के वरिष्ठ प्रवक्ता और नेता कुणाल घोष ने पार्टी की आगामी रणनीति का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि राज्य में जारी इस निरंतर हिंसा के खिलाफ पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद आगामी 2 जून (मंगलवार) को कोलकाता के ऐतिहासिक रानी रश्मोनी रोड पर एक विशाल विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगी। कुणाल घोष ने स्पष्ट किया कि चुनाव के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन सभी गंभीर राजनीतिक मुद्दों को जनता के सामने उठाएंगी और इस बड़े लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के जरिए विपक्ष को करारा जवाब देंगी।

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