West Bengal News: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार की प्रमुख महिला कल्याणकारी योजना ‘लक्ष्मी भंडार’ में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना में कथित रूप से फर्जी लाभार्थियों के नाम पर भारी धांधली की गई है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, उन्होंने राज्य पुलिस प्रमुख को एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि इस मामले में अवैध रूप से सरकारी धन का हस्तांतरण हुआ है, इसलिए इसमें ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ के पहलुओं की भी गहन जांच की जाएगी।
30 लाख फर्जी खातों से हजारों करोड़ का सरकारी गबन
बताते चले कि, मुख्यमंत्री ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि राज्य में लगभग 30 लाख ‘लक्ष्मी भंडार’ खाते फर्जी पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को प्रतिमाह 1,500 रुपये दिए जाते थे, और इतनी बड़ी संख्या में फर्जी खातों का होना करदाताओं के हजारों करोड़ रुपये के गबन की ओर इशारा करता है। उन्होंने जानकारी दी कि जांच में यह भी सामने आया है कि टीएमसी शासनकाल के दौरान पुरुषों ने भी महिलाओं के लिए आरक्षित इस योजना का गलत लाभ उठाया है। कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ जालसाजी के जरिए पुरुष लाभार्थियों ने योजना की राशि हड़पी है।
‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना और सत्यापन प्रक्रिया पर सफाई
अपनी नई ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग इसके 12-पृष्ठ के सत्यापन फॉर्म पर सवाल उठा रहे थे, उन्हें ‘लक्ष्मी भंडार’ की अनियमितताओं पर गौर करना चाहिए। उन्होंने बताया कि ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना के तहत महिला लाभार्थियों को अब प्रतिमाह 3,000 रुपये (यानी 36,000 रुपये प्रति वर्ष) दिए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन प्रक्रिया आवश्यक है और प्रत्येक आवेदक को 12 में से कम से कम तीन अनिवार्य पेज भरने होंगे। ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और सरकार बुधवार से लाभार्थियों को धन हस्तांतरण की शुरुआत करने की योजना बना रही है।
TMC नेताओं और अवैध प्रवासियों द्वारा सरकारी खजाने की लूट
सुवेंदु अधिकारी ने मुर्शिदाबाद जिले के रकीबुल हुसैन का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी धन लूटा गया। उन्होंने खुलासा किया कि अकेले जंगीपुर ब्लॉक में 3,000 फर्जी दावेदारों की पहचान की गई है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि न केवल अवैध प्रवासियों ने बल्कि हजारों टीएमसी नेताओं ने भी लक्ष्मी भंडार योजना को लूटने का काम किया है। उन्होंने पश्चिम मेदिनीपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि विधवा भत्ता लेने के आरोप में भी गिरफ्तारियां हुई हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि ‘अन्नपूर्णा योजना’ का लाभ केवल पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचेगा और लाभार्थियों की सूची हर सप्ताह सार्वजनिक की जाएगी।










