Xi Jinping US Visit 2026 : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग बुधवार को अमेरिका की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर वॉशिंगटन पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी पेंग लियुआन भी मौजूद हैं। मैरीलैंड स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने स्वयं उनका स्वागत किया। विदेशी नेताओं के सामान्य प्रोटोकॉल की तुलना में ट्रंप का एयरपोर्ट जाकर शी का स्वागत करना एक दुर्लभ कदम माना जा रहा है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव के बीच हो रही है।
जॉइंट बेस एंड्रयूज पर दिखा भव्य स्वागत समारोह
शी जिनपिंग के आगमन पर जॉइंट बेस एंड्रयूज पर औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। ट्रंप और शी ने हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया। सैन्य बैंड ने दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए और चीनी राष्ट्रपति को राजकीय सम्मान दिया गया। इस पूरे कार्यक्रम में दोनों नेताओं की पत्नियां भी शामिल रहीं। व्हाइट हाउस ने पहले ही शी और पेंग के स्वागत से जुड़े कार्यक्रमों की आधिकारिक रूपरेखा जारी कर दी थी.

गुरुवार को व्हाइट हाउस में होगी मुख्य द्विपक्षीय बैठक
गुरुवार को शी जिनपिंग के दौरे का मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में स्टेट अराइवल सेरेमनी होगी, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच औपचारिक बैठक होगी। इसके बाद ट्रंप और शी के बीच द्विपक्षीय बातचीत होने की योजना है। शाम को शी और पेंग के सम्मान में व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में स्टेट डिनर आयोजित किया जाएगा। शुक्रवार को दोनों दंपति चाय के लिए मिलेंगे और नेशनल आर्काइव्स का दौरा करेंगे।
स्टेट डिनर में टेक जगत की कई बड़ी हस्तियां होंगी शामिल
व्हाइट हाउस के स्टेट डिनर में टेक्नोलॉजी क्षेत्र के कई प्रमुख कारोबारी और अधिकारी शामिल होने वाले हैं। रिपोर्टों के मुताबिक अतिथियों की सूची में एलन मस्क, जेंसन हुआंग, सैम ऑल्टमैन, सुंदर पिचाई, मार्क जुकरबर्ग और टिम कुक जैसे नाम शामिल हैं। इस उपस्थिति को दोनों देशों के बीच तकनीकी और कारोबारी संबंधों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

व्यापारिक तनाव और ट्रेड ट्रूस पर रहेगी नजर
शी और ट्रंप की बातचीत में व्यापार सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल रहेगा। अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापारिक तनाव को नियंत्रित करने के लिए दोनों पक्षों ने व्यापारिक ट्रूस को आगे बढ़ाने पर सहमति बनाई है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था को नवंबर से आगे 10 जनवरी तक बढ़ाया गया है। दोनों देशों के बीच टैरिफ, कृषि उत्पादों और रणनीतिक खनिजों की आपूर्ति जैसे मुद्दों पर भी बातचीत की उम्मीद है।
AI और तकनीकी प्रतिस्पर्धा भी बातचीत के केंद्र में
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI भी इस शिखर वार्ता का अहम विषय है। अमेरिका और चीन दोनों ही उन्नत तकनीक और AI के क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा के साथ सुरक्षा और नियंत्रण से जुड़े सवाल भी मौजूद हैं। ऐसे में बातचीत में AI से जुड़े जोखिम, तकनीकी सहयोग और प्रतिस्पर्धा को संभालने के तरीकों पर चर्चा होने की संभावना है।

ताइवान और ईरान पर भी बातचीत की संभावना
व्यापार और तकनीक के अलावा ताइवान और ईरान जैसे संवेदनशील भू-राजनीतिक मुद्दे भी दोनों नेताओं की बातचीत का हिस्सा हो सकते हैं। ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से मतभेद हैं। वहीं ईरान के साथ चीन के संबंधों और क्षेत्रीय स्थिति को लेकर भी वॉशिंगटन की अपनी चिंताएं हैं। रिपोर्टों के मुताबिक ट्रंप प्रशासन इन मुद्दों पर चीन के साथ बातचीत करना चाहता है।
रिश्तों में स्थिरता बनाए रखने पर रहेगा जोर
शी जिनपिंग की यह यात्रा एक दशक से अधिक समय बाद उनकी पहली अमेरिकी राजकीय यात्रा है। दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, ताइवान और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। इसके बावजूद दोनों सरकारों के बीच संवाद बनाए रखने और संबंधों को अधिक स्थिर रखने की कोशिश जारी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस बैठक से किसी बड़े समझौते की अपेक्षा सीमित है और बातचीत का एक प्रमुख उद्देश्य मौजूदा तनाव को नियंत्रित करना है।
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