Zelensky at UNGA: जेलेंस्की ने पुतिन को बताया ‘पेशेंट जीरो’, जानिए इस बयान के पीछे की पूरी वजह

संयुक्त राष्ट्र महासभा में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को ‘Patient Zero’ बताया। उन्होंने कहा कि युद्ध की विचारधारा आगे फैल रही है और इसके प्रसार को रोकने के लिए पुतिन को कार्रवाई की जगह नहीं मिलनी चाहिए। जेलेंस्की ने रूस पर आर्थिक दबाव बनाए रखने की अपील भी की।

Zelensky at UNGA

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 24, 2026

Zelensky at UNGA : अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का सत्र जारी है। इस दौरान दुनिया के अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार रख रहे हैं। बुधवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी महासभा को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध, रूस की कथित सैन्य गतिविधियों और युद्ध के अंतरराष्ट्रीय प्रभावों को लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर तीखी टिप्पणी की।

पुतिन को बताया ‘पेशेंट जीरो’

जेलेंस्की ने अपने संबोधन में पुतिन को ‘पेशेंट जीरो’ बताते हुए आरोप लगाया कि रूस-यूक्रेन युद्ध का प्रभाव यूक्रेन की सीमाओं से बाहर भी फैल रहा है। उन्होंने कहा कि युद्ध जहां भी फैलता है, वहां अस्थिरता, नए जोखिम और संकट पैदा होते हैं। जेलेंस्की के अनुसार, पुतिन को जितनी अधिक स्वतंत्रता युद्ध से जुड़े कदम उठाने के लिए मिलेगी, दुनिया के अन्य देशों के लिए खतरे और अस्थिरता की स्थिति उतनी ही बढ़ सकती है। ये टिप्पणियां जेलेंस्की की ओर से रूस की नीतियों और युद्ध के प्रभावों को लेकर की गईं।

रूस की कमाई रोकने की अपील

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से विभिन्न देशों से रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की अपील भी की। उन्होंने देशों से कहा कि रूस की आय के स्रोतों को सीमित करने के प्रयास किए जाएं, ताकि उसकी सैन्य गतिविधियों को आर्थिक समर्थन मिलने में बाधा पैदा हो। जेलेंस्की का कहना था कि रूस पर दबाव बढ़ाने और उसकी युद्ध क्षमता को प्रभावित करने वाले कदम शांति की दिशा में आगे बढ़ने में भूमिका निभा सकते हैं।

युद्ध को यूक्रेन से बाहर फैलने का आरोप

जेलेंस्की ने पुतिन पर आरोप लगाया कि उन्होंने युद्ध को यूक्रेन तक सीमित नहीं रहने दिया। उनके मुताबिक, अलग-अलग देशों और क्षेत्रों में रूस की गतिविधियों के प्रभाव दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस स्थिति को गंभीरता से लेने और रूस पर दबाव बढ़ाने की अपील की। हालांकि, रूस की ओर से इन आरोपों पर इस भाषण के संदर्भ में कोई प्रतिक्रिया यहां शामिल नहीं है।

47 देशों के नागरिकों को लेकर बड़ा दावा

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अपने भाषण में एक और गंभीर दावा करते हुए कहा कि रूस यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में 47 देशों के नागरिकों का इस्तेमाल कर रहा है। जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन को युद्धबंदियों के रूप में अलग-अलग देशों के नागरिक मिलते रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दायरे में केवल उत्तर कोरिया के नागरिक शामिल नहीं हैं, बल्कि कई अन्य देशों के लोग भी कथित तौर पर रूस की ओर से युद्ध में शामिल हुए हैं।

भारत समेत कई देशों का किया जिक्र

जेलेंस्की ने अपने भाषण में जिन देशों का नाम लिया, उनमें भारत, नेपाल, घाना, ताजिकिस्तान, यमन, केन्या, जिम्बाब्वे, क्यूबा, बेलारूस, सूडान और दक्षिण अफ्रीका समेत कई देश शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को समय-समय पर अलग-अलग देशों की ओर से अपने नागरिकों को युद्धबंदी के रूप में वापस भेजने को लेकर अनुरोध मिलते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि युद्ध के मैदान में ऐसे विदेशी नागरिकों की मौत हुई है, जो रूस के नागरिक नहीं थे।

विदेशी नागरिकों के रूस पहुंचने पर भी टिप्पणी

जेलेंस्की ने दावा किया कि कुछ विदेशी नागरिक कथित तौर पर छल, धोखे या अन्य तरीकों के माध्यम से रूस पहुंचे और बाद में युद्ध में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि इस स्थिति का असर केवल रूस और यूक्रेन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उन देशों के नागरिक भी प्रभावित हो रहे हैं जिनके लोगों के युद्ध में शामिल होने का दावा किया जा रहा है।

युद्ध में विदेशी नागरिकों की भूमिका पर बहस

जेलेंस्की के बयान के बाद रूस-यूक्रेन युद्ध में विदेशी नागरिकों की कथित भागीदारी का मुद्दा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा में आ गया है। जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से देशों से अपने नागरिकों की स्थिति पर ध्यान देने और रूस पर दबाव बनाने की अपील की। वहीं, युद्ध में विदेशी नागरिकों की संख्या और उनकी भूमिका से जुड़े दावों का आकलन संबंधित देशों के आधिकारिक रिकॉर्ड और स्वतंत्र पुष्टि के आधार पर किया जाना महत्वपूर्ण है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हाल में युद्ध में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने का दावा किया था।

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