West Bengal: चुनाव प्रचार के दौरान अधीर रंजन चौधरी पर हमला, TMC पर आरोप

मुर्शिदाबाद में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी पर टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा हमला करने का आरोप लगा है। बहरामपुर क्षेत्र में प्रचार के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में झड़प हुई, जो बाद में हाथापाई में बदल गई।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 4, 2026

West Bengal: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी पर चुनाव प्रचार के दौरान हमला हुआ। आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनके काफिले को रोकने की कोशिश की। यह घटना बहरामपुर विधानसभा क्षेत्र में हुई, जहां कांग्रेस और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।

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अधीर रंजन चौधरी का बयान

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अधीर रंजन चौधरी पर हमला

अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया कि भारी केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनके चुनाव प्रचार को बाधित करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती के बावजूद टीएमसी समर्थक हमें रोकने का प्रयास कर रहे थे।

कैसे हुआ विवाद

शनिवार सुबह अधीर रंजन चौधरी अपने समर्थकों के साथ बहरामपुर के वार्ड नंबर 19 में प्रचार कर रहे थे। उसी समय टीएमसी पार्षद भीष्मदेव कर्माकर अपने कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंचे और चौधरी को प्रचार करने से रोकने लगे। इस दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, जो बाद में झड़प और हाथापाई में बदल गई।

अधीर रंजन चौधरी का निर्वाचन क्षेत्र

कांग्रेस ने अधीर रंजन चौधरी को बहरामपुर से उम्मीदवार बनाया है। अपने चुनावी हलफनामे में उन्होंने ₹48.40 लाख की चल संपत्ति घोषित की है, जो 2024 की तुलना में ₹9.05 लाख अधिक है। उनके पास ₹94,500 नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी अतासी के पास ₹7.25 लाख नकद और ₹1.27 करोड़ की चल संपत्ति है। हलफनामे में यह भी दर्ज है कि उनके खिलाफ तीन आपराधिक मामले चल रहे हैं।

राजनीतिक महत्व

अधीर रंजन चौधरी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में पार्टी के प्रमुख चेहरे रहे हैं। बहरामपुर क्षेत्र में उनका प्रभाव काफी मजबूत माना जाता है। इस घटना ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। कांग्रेस ने टीएमसी पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का आरोप लगाया है, जबकि टीएमसी ने इसे सामान्य राजनीतिक टकराव बताया है।

मुर्शिदाबाद की इस घटना ने पश्चिम बंगाल में चुनावी तनाव को और बढ़ा दिया है। अधीर रंजन चौधरी पर हुए हमले ने कांग्रेस और टीएमसी के बीच राजनीतिक टकराव को खुलकर सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद का चुनावी परिणामों पर क्या असर पड़ता है।

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