Weather Update 9 May 2026: भारत के मौसम मिजाज में आज एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज, यानी 9 मई 2026 को देश के कई हिस्सों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी जारी की है। उत्तर प्रदेश और बिहार सहित लगभग 13 राज्यों में तेज आंधी और बारिश का संकट मंडरा रहा है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो जान-माल के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। विशेष रूप से पूर्वी भारत के राज्यों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
मौसम में आए इस अचानक बदलाव का मुख्य कारण वायुमंडल में बनी विशेष स्थितियां हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के रूप में सक्रिय है। इसके अतिरिक्त, दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के निचले क्षोभमंडल में भी एक ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा बना हुआ है। इन दोहरी प्रणालियों के कारण मैदानी इलाकों में अस्थिरता बढ़ गई है। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में जाने से बचें और अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली में लू और पहाड़ों पर बारिश का साया
देश की राजधानी दिल्ली में आज बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन यहां के निवासियों को भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का सामना करना पड़ेगा। 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली गर्म हवाएं दिन के तापमान को बढ़ाएंगी। वहीं, उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 11 से 14 मई के बीच भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद में भी 11-12 मई को मौसम खराब रहेगा, जहां हवाओं की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जो लोग इन दिनों पहाड़ों की यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वी भारत: बंगाल, बिहार और झारखंड में अलर्ट
पूर्वी भारत के राज्यों में आज सबसे अधिक खतरा बताया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आज और 12 मई को गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश हो सकती है। बिहार में 10 से 12 मई के बीच और झारखंड में 10 से 14 मई तक आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। ओडिशा में भी 12 तारीख तक बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। इन राज्यों में आंधी की गति 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहने का अनुमान है।
मध्य भारत: मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि की संभावना
मध्य भारत के राज्यों, विशेषकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आज मौसम काफी आक्रामक रह सकता है। मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में आज ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में 9 से 12 मई के दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली विनाशकारी हवाएं चलने की आशंका है। विदर्भ क्षेत्र में भी 10 मई को बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान लगाया गया है।
विभिन्न शहरों का अनुमानित तापमान (9 मई 2026)
आज देश के प्रमुख शहरों में तापमान का स्तर कुछ इस प्रकार रहने की संभावना है:
| शहर | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान |
| दिल्ली | 36°C | 26°C |
| मुंबई | 34°C | 29°C |
| चेन्नई | 31°C | 28°C |
| कोलकाता | 35°C | 25°C |
| लखनऊ | 34°C | 24°C |
| भोपाल | 39°C | 26°C |
| जयपुर | 38°C | 27°C |
| शिमला | 26°C | 15°C |
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पूर्वोत्तर भारत: भारी बारिश का पूर्वानुमान
पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसून पूर्व की गतिविधियों में तेजी आने वाली है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 14 मई के दौरान व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से 12 से 14 मई के बीच असम और मेघालय के कुछ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश (Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया गया है। अरुणाचल प्रदेश में भी 13 और 14 मई को मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं।
दक्षिण और पश्चिम भारत: गरज-चमक और तटीय हलचल
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल, माहे, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले 7 दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। केरल और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा, लक्षद्वीप और तटीय आंध्र प्रदेश में भी 12 मई तक आंधी-तूफान की संभावना है। पश्चिम भारत में महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों में अगले 48 घंटों तक गरज-चमक के साथ 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और मध्यम वर्षा होने का अनुमान है।
सावधानी और सुरक्षा के उपाय
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज आंधी के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों से दूर रहें। चक्रवाती हवाओं के कारण कच्चे मकानों और टिन की छतों को नुकसान पहुंच सकता है। यात्रा करने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने गंतव्य के मौसम की जानकारी लेकर ही घर से निकलें। विशेषकर ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरतना अनिवार्य है।










