Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 15 सितंबर को कारोबारी सप्ताह की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 400 अंक तक चढ़ गया, जबकि निफ्टी 100 से ज्यादा अंकों की बढ़त के साथ 23,500 के स्तर के ऊपर बना रहा। बाजार में सबसे ज्यादा उत्साह आईटी और टेक्नोलॉजी शेयरों में देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स में 4 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई
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IT शेयरों में जोरदार खरीदारी
आज के कारोबार में टेक्नोलॉजी सेक्टर निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 4 फीसदी से ज्यादा की बढ़त ने प्रमुख सूचकांकों को सपोर्ट दिया। इसके अलावा कुछ बड़े शेयरों में खरीदारी ने भी बाजार की शुरुआती तेजी को मजबूत किया। पिछले सप्ताह भारतीय बाजार लगातार दबाव में रहे थे। शुक्रवार को सेंसेक्स 74,781.76 और निफ्टी 23,398.10 पर बंद हुए थे। ऐसे में मंगलवार की तेजी को कुछ हद तक निचले स्तरों पर खरीदारी और सकारात्मक घरेलू संकेतों से
एशियाई बाजारों में दिखी कमजोरी

भारतीय बाजार में तेजी के विपरीत एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख बाजारों में मंगलवार को कमजोरी दिखाई दी। जापान का निक्केई 225 करीब 0.25 फीसदी और टॉपिक्स 0.24 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा था। दक्षिण कोरिया के कोस्पी और कोस्डैक में भी गिरावट रही। वहीं ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 शुरुआती कारोबार में करीब 0.46 फीसदी कमजोर रहा। इसके बावजूद भारतीय बाजार ने घरेलू खरीदारी के दम पर सकारात्मक शुरुआत
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर नजर
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई। सऊदी अरब की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े एक वैकल्पिक मार्ग वाली महत्वपूर्ण पाइपलाइन को बंद किए जाने के बाद तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा। ब्रेंट क्रूड करीब 1.23 फीसदी बढ़कर 106.98 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी क्रूड में करीब 1.27 फीसदी की तेजी रही और यह 102.68 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। ऊंची तेल कीमतें भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए महंगाई और व्यापार घाटे के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाई चिंता
अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में बढ़ोतरी भी वैश्विक निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। सोमवार को अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड कुछ समय के लिए 5 फीसदी के स्तर को पार कर गई। यह अक्टूबर 2023 के बाद का ऊंचा स्तर बताया जा रहा है। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से इक्विटी बाजारों पर दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि निवेशकों के लिए सुरक्षित फिक्स्ड-इनकम एसेट्स अधिक आकर्षक हो जाते हैं। इसके अलावा अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता भी बाजार
अमेरिकी शेयर बाजार लाल निशान में बंद
भारतीय बाजार में तेजी से पहले अमेरिकी शेयर बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा था। पिछले कारोबारी सत्र में S&P 500, Nasdaq Composite और Dow Jones Industrial Average तीनों गिरावट के साथ बंद हुए। S&P 500 में 0.48 फीसदी और Nasdaq में 0.56 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। वहीं Dow Jones 152.09 अंक यानी 0.29 फीसदी नीचे बंद हुआ। ऐसे में मंगलवार को भारतीय बाजार की तेजी वैश्विक संकेतों के विपरीत दिखाई दी।
Share Market Today: शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, सेंसेक्स 60 अंक
आगे किन संकेतों पर रहेगी नजर?
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीति पर रहेगी। घरेलू बाजार में IT शेयरों की मजबूती फिलहाल तेजी को सहारा दे रही है, लेकिन महंगे क्रूड और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बाजार के लिए जोखिम बने हुए हैं।










