Kal ka Mausam: मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद मानसून ने एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आगामी 24 से 72 घंटों के भीतर राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश होने की प्रबल संभावना है। 30 जून 2026 को प्रदेश के विभिन्न अंचलों में मौसम सुहावना रहने के साथ ही गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने के संकेत दिए गए हैं।
Weather Update: अगले 3 दिनों में बदलेगा मौसम, गरज-चमक के साथ होगी झमाझम बारिश
मानसून की स्थिति और बारिश का पूर्वानुमान
राज्य के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और शहडोल संभाग के अनेक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं, पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ विशिष्ट इलाकों में भारी बारिश का ‘अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए विभाग ने नागरिकों को खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास न रहने की कड़ी चेतावनी दी है।
जून माह में बारिश की कमी
राज्य में मानसून का आगमन 24 जून को हुआ था, लेकिन प्रारंभिक दिनों में इसकी गति काफी धीमी रही। आंकड़ों पर गौर करें तो इस बार जून के महीने में सामान्य से 38% कम बारिश दर्ज की गई है। वर्तमान में मानसून प्रदेश के केवल 15 जिलों तक ही पूरी तरह पहुंच पाया है, जबकि शेष जिले अभी भी अच्छी बारिश की बाट जोह रहे हैं। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 से 72 घंटों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बढ़ेगी और यह मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों सहित छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड को भी कवर कर लेगा।
पिछले 24 घंटों का हाल
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के प्रमुख संभागों में मानसून का प्रभाव देखा गया। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि शेष क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं। इस बारिश ने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को काफी राहत दी है और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
आम नागरिकों और किसानों के लिए परामर्श
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कुछ आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं,
नागरिकों के लिए: खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली कड़कने के समय सुरक्षित पक्के मकानों के भीतर रहें। वाहन चलाते समय सड़क पर फिसलन और कम दृश्यता को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतें।
किसानों के लिए विशेष निर्देश: जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी है, वहां किसान अपने खेतों में जल निकासी (ड्रेनेज) की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करें। खाद और कीटनाशकों का छिड़काव बारिश थमने के बाद ही करें ताकि दवा का प्रभाव नष्ट न हो। इसके अलावा, खुले में रखी हुई अपनी उपज और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दें।
आगामी कुछ दिनों में मानसून की सक्रियता मध्य प्रदेश के कृषि और जनजीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाली है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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