kal Ka Mausam: बिहार में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। राज्य के कुछ इलाकों में झमाझम बारिश राहत दे रही है, तो वहीं कुछ जगहों पर तेज आंधी-तूफान और वज्रपात से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग पटना के अनुसार, कल यानी 17 अगस्त को राज्य के दक्षिणी हिस्सों में अनेक स्थानों पर और उत्तरी भागों में कुछ जगहों पर बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही कई जिलों में आंधी-तूफान का दौर भी देखने को मिलेगा।
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कल कैसा रहेगा मौसम? वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम हिस्सों के कुछ इलाकों में मेघगर्जन, वज्रपात (आसानी बिजली गिरने) और तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है, जो कि बाहर निकल रहे लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
इसके अलावा, राज्य के कैमूर (भभुआ), गया, जमुई और नवादा जिलों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा (Heavy Rainfall) होने की भी चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
पिछले 24 घंटों के दौरान हुई बारिश का हाल
बात करें पिछले 24 घंटों की, तो इस दौरान राज्य के अधिकांश भागों में छिटपुट जगहों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मधुबनी, सिक्टा, पचतेउरी, राजपुर, कटैया, कस्बा, गुटनी, पहाड़पुर, मैरवा, पूर्णिया, बलतारा और महाराजगंज जैसे इलाकों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ी हैं, जिससे तापमान में थोड़ी राहत मिली है।
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तटों पर एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम की ओर आगे बढ़ेगा और और अधिक तीव्र (Intense) हो जाएगा, जिसका सीधा असर बिहार के मौसम पर पड़ेगा।
मानसून ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण का असर
वर्तमान में मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) अमृतसर, लुधियाना, मुरादाबाद, लखनऊ, वाराणसी से होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा तटों तक गुजर रहा है। इसके साथ ही, समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों में एक और ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
इन तमाम मौसमी गतिविधियों के कारण बिहार के वायुमंडल में नमी काफी बढ़ गई है, जिससे बारिश की परिस्थितियां मजबूत हुई हैं।
तापमान में बदलाव की संभावना
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। वहीं, आगामी 5 दिनों तक राज्य के अनेक स्थानों पर न्यूनतम तापमान भी लगभग स्थिर रहने की संभावना है। लगातार हो रही बारिश से उमस और गर्मी से लोगों को धीरे-धीरे राहत मिल रही है।
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