Varanasi News: वाराणसी स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में शनिवार की सुबह एक गंभीर सुरक्षा चूक और दुर्भाग्यपूर्ण हादसा सामने आया है। मंदिर के गेट नंबर 4 के समीप स्थित नंदू फारिया गेट पर तैनात एक पीएसी (PAC) जवान की सरकारी कार्बाइन के अचानक सड़क पर गिरने से उससे गोली चल गई। इस घटना ने पूरे मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया।
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कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह जब श्रद्धालु मंदिर दर्शन के लिए पहुंच रहे थे, उसी समय गेट नंबर 4B पर ड्यूटी कर रहे एक पीएसी जवान की कार्बाइन अचानक उसके हाथ से फिसलकर सड़क पर गिर गई। हथियार के जमीन पर गिरते ही उसमें से दुर्घटनावश एक गोली चल गई। गोली सीधे किसी व्यक्ति को लगने के बजाय सड़क पर जा लगी। हालांकि, यह गोली किसी की जान लेने के लिए पर्याप्त नहीं थी, लेकिन गोली के प्रहार से सड़क की गिट्टियां (पत्थर के टुकड़े) और छर्रे तेजी से उछलकर आसपास मौजूद लोगों पर जा गिरे। इस अप्रत्याशित हादसे में वहां मौजूद दो दुकानदार गंभीर रूप से प्रभावित हुए।
घायलों की स्थिति और तत्काल कार्रवाई
इस हादसे में घायल हुए दोनों दुकानदार मामूली रूप से घायल हुए हैं, जिनके हाथ और पेट में गिट्टी के छर्रे लगने की सूचना है। घटना के तुरंत बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा में तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लिया। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों ने पहुंचकर मामले की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
काशी विश्वनाथ मंदिर एक अति-संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाला क्षेत्र है। यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात जवान के हाथों से हथियार का गिरना और गोली चलना, सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या यह मानवीय भूल है या हथियार के रख-रखाव में लापरवाही, इसका पता जांच के बाद ही चल पाएगा। स्थानीय प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस इस पहलू पर भी विचार कर रही है कि क्या सुरक्षाकर्मियों को हथियार संभालने को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
गनीमत रही कि टला बड़ा हादसा
स्थानीय लोगों और दुकानदारों का कहना है कि यह एक बड़ा चमत्कार ही है कि गोली किसी व्यक्ति को नहीं लगी। यदि यह गोली भीड़ के बीच किसी श्रद्धालु को लग जाती, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी। घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा कर्मियों को और अधिक सावधान रहने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल, मंदिर परिसर में सामान्य तौर पर दर्शन-पूजन जारी है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा से जुड़ी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और पुलिस की जांच प्रक्रिया में सहयोग करें।
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