Cylinder Blast in Varanasi: लहरतारा में सिलेंडर ब्लास्ट से मकान ढहा, भाई-बहन की दर्दनाक मौत

वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के लहरतारा में मंगलवार सुबह गैस सिलेंडर फटने से एक जर्जर मकान गिर गया। इस भीषण हादसे में मलबे में दबने से प्रीति और ओम कुमार चौधरी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 24, 2026

Cylinder Blast in Varanasi: धर्मनगरी काशी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई। लहरतारा पुल के पास स्थित एक तंग गली में गैस सिलेंडर फटने से एक पुराना मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस भीषण धमाके और मलबे में दबने के कारण एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान चली गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर पैदा कर दी है।

धमाके से दहला लहरतारा इलाका और मलबे में दबीं चार जिंदगियां

मंगलवार की सुबह जब लोग अपने दैनिक कार्यों में जुटे थे, तभी अचानक एक कान फाड़ देने वाले धमाके ने लहरतारा क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। स्थानीय निवासियों ने बाहर निकलकर देखा तो एक रिहायशी मकान पूरी तरह ध्वस्त हो चुका था और चारों ओर धूल का गुबार छाया था। चश्मदीदों के अनुसार, सिलेंडर ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि मकान का ढांचा मलबे के ढेर में तब्दील हो गया, जिसके नीचे परिवार के चार सदस्य दब गए।

स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। आनन-फानन में सभी को बीएचयू (BHU) ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। दुर्भाग्यवश, अस्पताल में इलाज के दौरान दो लोगों ने दम तोड़ दिया। मृतकों की शिनाख्त प्रीति (27 वर्ष) और ओम कुमार चौधरी (30 वर्ष) के रूप में हुई है।

गैस रिसाव के चलते हुआ प्राणघातक सिलेंडर ब्लास्ट

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। एडीसीपी वरुणा नीतू कात्यायन, एडीएम आलोक वर्मा और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच और अधिकारियों के बयान के अनुसार, यह परिवार एक जर्जर मकान में रह रहा था। मंगलवार सुबह जब बुजुर्ग महिला गिरजा देवी खाना बना रही थीं, तभी गैस सिलेंडर में अचानक रिसाव (Gas Leakage) शुरू हो गया।

गैस के फैलने और आग पकड़ने के कारण सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे जर्जर मकान की दीवारें और छत ढह गई। मलबे के नीचे गिरजा देवी और उनके तीन बच्चे दब गए थे। फोरेंसिक टीम अब विस्फोट के तकनीकी कारणों की गहनता से जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी अनहोनी को रोका जा सके।

बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में घायलों का उपचार

इस भीषण त्रासदी में घायल हुए दो अन्य लोगों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। घायलों में अमन चौधरी (31 वर्ष) और बुजुर्ग महिला गिरजा देवी (60 वर्ष) शामिल हैं, जिनका बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में उपचार चल रहा है। डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश कर रही है।