India Growth Story: PM मोदी की 4 तस्वीरों में भारत की विकास यात्रा, 5500% ग्रोथ का जिक्र

'मेक इन इंडिया' पहल के 12 साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने देश में उत्पादन, निवेश और निर्यात में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी की सराहना की है। पिछले एक दशक में डिफेंस एक्सपोर्ट में 5,500% से अधिक की छलांग और मोबाइल निर्माण में आत्मनिर्भरता जैसी बड़ी उपलब्धियों से भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अभूतपूर्व बदलाव आया है।

India Growth Story

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 25, 2026

India Growth Story: भारत की मैन्युफैक्चरिंग, निवेश और आत्मनिर्भरता को नई दिशा देने वाली महत्वकांक्षी पहल ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) ने अपने सफल 12 साल पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत 25 सितंबर 2014 को की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत को वैश्विक स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइनिंग और इनोवेशन का एक बड़ा और मजबूत सेंटर बनाना था। इस विशेष उपलब्धि के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट शेयर करते हुए इस 12 साल के शानदार सफर और देश की प्रगति का विस्तृत ब्यौरा साझा किया है।

Punjab News: 30 सितंबर के बाद बढ़ सकती है परेशानी? जालंधर निगम ने

उत्पादन, निवेश और निर्यात में ऐतिहासिक वृद्धि

India Growth Story
PM मोदी की 4 तस्वीरों में भारत की विकास यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ के इन 12 वर्षों के सफर के दौरान देश में उत्पादन, विदेशी व घरेलू निवेश और निर्यात में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसका सकारात्मक प्रभाव अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। आज स्थिति यह है कि देश में निर्मित वस्तुओं की खपत और उत्पादन दोनों में तेजी आई है, जिससे वैश्विक बाजार में भारत की साख मजबूत हुई है।

डिफेंस एक्सपोर्ट में 5,500% से अधिक की शानदार छलांग

India Growth Story
PM मोदी की 4 तस्वीरों में भारत की विकास यात्रा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना का सबसे बड़ा प्रभाव रक्षा (डिफेंस) सेक्टर में देखने को मिला है। वर्ष 2014 में भारत का कुल डिफेंस एक्सपोर्ट मात्र 690 करोड़ रुपये के आसपास था, जो बढ़कर अब 38,400 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। यानी इस अवधि के दौरान रक्षा उपकरणों के निर्यात में 5,500 प्रतिशत से भी ज्यादा की ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो देश के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

पीएलआई (PLI) योजना और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का कमाल

सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को घरेलू उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग को रफ्तार देने वाली प्रमुख योजनाओं में गिना जाता है। साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पीएलआई योजनाओं के तहत अब तक 15.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है। इसके साथ ही इन योजनाओं के अंतर्गत कुल 23.8 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन और बिक्री दर्ज की जा चुकी है, जिससे देश के औद्योगिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव आया है।

मोबाइल फोन निर्माण के क्षेत्र में भी देश ने एक लंबी छलांग लगाई है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में भारत में इस्तेमाल होने वाले लगभग 99.2 प्रतिशत मोबाइल फोन अब देश के भीतर ही निर्मित किए जा रहे हैं। एक समय था जब भारत अपनी मोबाइल जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर था, लेकिन पिछले एक दशक में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भारी निवेश के चलते भारत दुनिया का प्रमुख मोबाइल उत्पादक बन गया है।

‘मेक इन इंडिया 2.0’ और 27 प्रमुख सेक्टरों पर फोकस

India Growth Story
PM मोदी की 4 तस्वीरों में भारत की विकास यात्रा

वर्तमान समय में सरकार ‘मेक इन इंडिया 2.0’ के तहत कुल 27 प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। इनमें 15 क्षेत्र मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) और 12 क्षेत्र सर्विस सेक्टर से जुड़े हुए हैं। देश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यापार को आसान बनाना) को बढ़ावा देने के लिए नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम, पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान और इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक जैसी आधुनिक पहलों की शुरुआत की गई है।

इन 12 वर्षों के सफर के बाद अब सरकार का मुख्य जोर केवल अधिक मात्रा में सामान तैयार करने पर ही नहीं, बल्कि देश में अत्याधुनिक तकनीक, कौशल विकास और वैश्विक गुणवत्ता वाली उत्पादन क्षमता को मजबूत करने पर है।

UP PET 2026 का नया शेड्यूल जारी, जानें परीक्षा तारीख, समय और एडमिट कार्ड अपडेट