Uttarakhand News: उत्तराखंड में चुनाव आयोग ने SIR अभियान को लेकर बड़े जरूरी बदलाव किए हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया के लिए तय समयसीमा को आगे बढ़ा दिया गया है। अब मतदाता सूची से जुड़ी आपत्तियों और दावों का निस्तारण 11 सितंबर के बजाय 28 सितंबर 2026 तक कर दिया जाएगा। आइए डिटेल में समझते हैं। इस बदलाव के बाद उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची भी पहले तय तारीख से आगे जारी होगी। चुनाव आयोग के नए कार्यक्रम के अनुसार अब 3 अक्टूबर 2026 को प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इससे पहले अंतिम सूची जारी करने की तारीख 15 सितंबर निर्धारित थी।
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CEO ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी
आपको बता दें कि, मुख्य निर्वाचल अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सोमवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर SIR अभियान की प्रगति और संशोधित कार्यक्रम की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय दिया है। इसके तहत अब दावे और आपत्तियों की सुनवाई तथा उनके निस्तारण के लिए 28 सितंबर तक का वक्त मिलेगा। इसके बाद पुनरीक्षित और सत्यापित मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 3 अक्टूबर को किया जाएगा।
24.30 लाख नोटिसों में 99 प्रतिशत से अधिक की सुनवाई पूरी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक प्रदेश में SIR अभियान के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। करीब 24 लाख 30 हजार नोटिसों के मुकाबले 99 प्रतिशत से अधिक मामलों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है। इससे संकेत मिलता है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। अधिकारियों के मुताबिक शेष मामलों को भी निर्धारित नई समयसीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
फार्म 6, 7 और 8 की प्रक्रिया भी जारी
SIR के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से जुड़े फार्म 6, 7 और 8 की भी जांच की जा रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इन फॉर्म से संबंधित करीब 40 प्रतिशत सुनवाई का काम पूरा हो चुका है। फार्म 6 के जरिए नए मतदाता पंजीकरण या नाम जोड़ने, फार्म 7 के माध्यम से नाम हटाने और फार्म 8 के जरिए मतदाता विवरण में संशोधन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसलिए इन आवेदनों की जांच अंतिम मतदाता सूची तैयार करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अंतिम सूची के बाद साफ होगी चुनावी तस्वीर
SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची आगामी चुनावों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। इसमें नामों के सत्यापन, नए मतदाताओं के जुड़ने, अपात्र नामों को हटाने और मतदाता विवरण में सुधार के बाद प्रदेश में वास्तविक मतदाता आधार की तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी। समयसीमा बढ़ने से अधिकारियों को लंबित दावों और आपत्तियों के निस्तारण के लिए अतिरिक्त समय मिला है। वहीं मतदाताओं को भी अपने नाम और विवरण से जुड़ी आपत्तियों या संशोधनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।
तीन अक्टूबर को होगा अंतिम प्रकाशन
चुनाव आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब 28 सितंबर तक दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद सभी प्रक्रियाएं पूरी कर 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास भी मौजूद रहे।
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