Uttarakhand News: माउंट किलिमंजारो चढ़कर लौटे नन्हे पर्वतारोही, CM धामी ने किया सम्मान

उत्तराखंड के नन्हे पर्वतारोही रियांश पंत और प्रिशा रावत ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो का सफल आरोहण कर प्रदेश का मान बढ़ाया। देहरादून लौटने के बाद दोनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। सीएम ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।

माउंट किलिमंजारो चढ़कर लौटे नन्हे पर्वतारोही

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 8, 2026

Uttarakhand News: उत्तराखंड के दो नन्हें पर्वतारोहियों ने अपनी असाधारण उपलब्धि से एक बार फिर प्रदेश के नाम रोशन किया है। अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो का सफल आरोहण करने वाले मास्टर रियांश पंत और प्रिशा रावत देहरादून पहुंचे। यहां दोनों पर्वतारोहियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की और अपनी उपलब्धि साझा की।

कम उम्र में इतनी कठिन पर्वत चोटी पर सफलता हासिल करना दोनों बच्चों के साहस, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति को दिखाता है। उनकी इस उपलब्धि को उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।

Chardham Yatra 2026: केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत,

सीएम धामी ने दी बधाई और शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रियांश और प्रिशा को उनकी सफलता पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में माउंट किलिमंजारो जैसी चुनौतीपूर्ण चोटी को फतह करना सामान्य उपलब्धि नहीं है।

उन्होंने कहा कि दोनों बच्चों ने अपने साहस और संकल्प के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार और क्षेत्र का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, रियांश और प्रिशा की उपलब्धि प्रदेश के दूसरे बच्चों और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी। इससे उनमें बड़े सपने देखने और कठिन लक्ष्यों को हासिल करने का आत्मविश्वास पैदा होगा।

युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के बच्चों और युवाओं में प्रतिभा, हिम्मत और क्षमता की कोई कमी नहीं है। राज्य के युवा पर्वतारोहण के साथ-साथ खेल और कई अन्य साहसिक गतिविधियों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक रूप से पहाड़ी प्रदेश होने के कारण उत्तराखंड में साहसिक खेलों और पर्वतारोहण की अपार संभावनाएं हैं। यहां के युवा इन क्षेत्रों में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।

सरकार प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर दे रही जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवा प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है। खेल, पर्वतारोहण और अन्य साहसिक गतिविधियों में रुचि रखने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश की प्रतिभाएं संसाधनों या अवसरों की कमी के कारण अपने लक्ष्य से पीछे न हटें। इसके लिए युवाओं को उनकी क्षमता के अनुसार अवसर और प्रोत्साहन देने पर जोर दिया जा रहा है।

रियांश और प्रिशा की उपलब्धि बनी प्रेरणा

माउंट किलिमंजारो का सफल आरोहण करने वाले रियांश पंत और प्रिशा रावत की उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित किया है कि उम्र किसी बड़े लक्ष्य की राह में बाधा नहीं होती। मजबूत इच्छाशक्ति, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर कठिन से कठिन चुनौती को पार किया जा सकता है।

दोनों नन्हे पर्वतारोहियों की यह कामयाबी उत्तराखंड के बच्चों और युवाओं के लिए एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है। उनकी उपलब्धि से प्रदेश में साहसिक खेलों और पर्वतारोहण के प्रति नई पीढ़ी में रुचि बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, यह सफलता उत्तराखंड की उस पहचान को भी मजबूत करती है, जहां युवा लगातार देश और दुनिया के मंच पर राज्य का नाम ऊंचा कर रहे हैं।

Uttarakhand Census 2027: उत्तराखंड में जनगणना की तैयारी तेज, 16