West Bengal News : उत्तर बंगाल के पहाड़ी क्षेत्र में मंगलवार को खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री के दौरे में बदलाव करना पड़ा। कलिम्पोंग जाते समय घने कोहरे के चलते मुख्यमंत्री के चॉपर को लैंडिंग में परेशानी हुई। पायलट ने सुरक्षित लैंडिंग की कई संभावनाएं तलाशने के लिए कुछ देर तक आसमान में चक्कर लगाया, लेकिन मौसम की स्थिति अनुकूल नहीं होने पर चॉपर को वापस सिलीगुड़ी ले जाया गया। प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया।
कलिम्पोंग कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ेंगी मुख्यमंत्री
चॉपर के सिलीगुड़ी लौटने के बाद मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पूरी तरह बदलाव नहीं किया गया है। निर्धारित योजना के मुताबिक उत्तरकन्या में प्रशासनिक बैठक आयोजित की जानी है। संभावना है कि मुख्यमंत्री इसी स्थान से कलिम्पोंग में आयोजित सरकारी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगी। इस तरह स्थानीय लोगों से संवाद और सरकारी योजनाओं से जुड़ा कार्यक्रम जारी रखने की तैयारी है।
स्वागत के लिए तैयार था अस्थायी हेलीपैड
मुख्यमंत्री के कलिम्पोंग दौरे को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल के पास एक अस्थायी हेलीपैड तैयार किया गया था। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने उनके स्वागत की पूरी तैयारी कर रखी थी। दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्टा ने बताया कि मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सभी व्यवस्थाएं पूरी थीं, लेकिन अत्यधिक कोहरे के कारण चॉपर को उतारना संभव नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से मुख्यमंत्री को सिलीगुड़ी लौटना पड़ा।
सरकारी सेवा पहुंचाने के लिए था कार्यक्रम
मंगलवार को मुख्यमंत्री के उत्तर बंगाल में दो प्रमुख कार्यक्रम प्रस्तावित थे। इनमें से एक कलिम्पोंग में सरकारी कार्यक्रम था, जिसका उद्देश्य आम लोगों तक सरकारी सेवाओं और योजनाओं की पहुंच को आसान बनाना था। कार्यक्रम दोपहर करीब 12 बजे तक पूरा होने की योजना थी। इसके बाद मुख्यमंत्री को उत्तरकन्या लौटकर प्रशासनिक बैठक में हिस्सा लेना था। मौसम खराब होने के कारण अब पहले कार्यक्रम में वर्चुअल भागीदारी का विकल्प अपनाया गया है।
मौसम विभाग ने पहले ही जारी की थी चेतावनी
उत्तर बंगाल के पहाड़ी जिलों में इस सप्ताह भारी बारिश की संभावना को लेकर मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी की थी। इसी वजह से प्रशासन ने मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरती। कलिम्पोंग में अस्थायी हेलीपैड की व्यवस्था भी इसी तैयारी का हिस्सा थी। हालांकि, मंगलवार को इलाके में अचानक घना कोहरा छा गया, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई और हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग चुनौतीपूर्ण बन गई।
पायलट ने जोखिम उठाने से किया इनकार
मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच पायलट ने मुख्यमंत्री के चॉपर को उतारने का जोखिम नहीं लिया। कुछ समय तक लैंडिंग के लिए उपयुक्त स्थिति बनने का इंतजार किया गया, लेकिन कोहरे में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। अंततः चॉपर को कलिम्पोंग से सिलीगुड़ी के लिए रवाना कर दिया गया। प्रशासन ने इसे सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी कदम माना।
राजू बिष्टा ने दी कार्यक्रम की जानकारी
दार्जिलिंग सांसद राजू बिष्टा ने बताया कि मुख्यमंत्री अब सिलीगुड़ी से कलिम्पोंग के लोगों के साथ वर्चुअल माध्यम से जुड़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की मूल योजना में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, केवल मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत मौजूदगी के स्थान पर ऑनलाइन सहभागिता होगी। जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 1:30 बजे तक मुख्यमंत्री के वर्चुअली संबोधित करने की तैयारी की गई थी।
दूसरी बार मौसम बना यात्रा में बाधा
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान चॉपर के सामने मौसम से जुड़ी बाधा आने का यह दूसरा मामला बताया जा रहा है। इससे पहले करीब दो महीने पूर्व बांकुड़ा जाते समय खराब मौसम के कारण चॉपर को कोलाघाट में आपात लैंडिंग करनी पड़ी थी। अब उत्तर बंगाल में घने कोहरे के कारण फिर हवाई यात्रा प्रभावित हुई है। लगातार बदलते मौसम ने पहाड़ी इलाकों में वीआईपी हवाई आवाजाही की चुनौती को एक बार फिर सामने ला दिया है।
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