Uttarakhand News: ऋषिकेश में राफ्टिंग सीजन की तैयारी तेज, चरणबद्ध तरीके से खुलेंगे गंगा के रूट

ऋषिकेश में राफ्टिंग सीजन शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। मरीन ड्राइव से निम बीच तक गंगा के जलस्तर और रैपिड्स की रेकी की गई। शुरुआती चरण में कुछ रूटों पर संचालन की अनुमति दी जा सकती है, जबकि जलस्तर और परिस्थितियां अनुकूल होने पर लंबे रूट भी धीरे-धीरे खोले जाएंगे।

ऋषिकेश में राफ्टिंग सीजन की तैयारी तेज

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 20, 2026

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Uttarakhand News: ऋषिकेश में गंगा नदी पर राफ्टिंग का इंतजार कर रहे पर्यटकों के लिए जल्द अच्छी खबर सामने आ सकती है। मानसून के बाद अब राफ्टिंग संचालन शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में रविवार को उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद, साहसिक खेल विभाग और राफ्टिंग कारोबार से जुड़े लोगों की संयुक्त टीम ने गंगा के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया।

टीम ने मरीन ड्राइव से लेकर निम बीच तक के क्षेत्र में गंगा के जलस्तर, रैपिड्स और प्रस्तावित राफ्टिंग मार्गों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और विशेषज्ञों ने जलस्तर को राफ्टिंग के लिए अनुकूल पाया। अब विभाग की ओर से राफ्टिंग सीजन शुरू करने की आधिकारिक तारीख घोषित किए जाने का इंतजार है।

जलस्तर और रैपिड्स की स्थिति पर रखी गई नजर

रविवार दोपहर करीब 12 बजे पर्यटन विभाग की विशेषज्ञ टीम ने मरीन ड्राइव से निम बीच के बीच कई प्रमुख प्वाइंट्स का निरीक्षण किया। टीम ने यह भी देखा कि अलग-अलग रैपिड्स की स्थिति राफ्टिंग के लिए कितनी सुरक्षित और उपयुक्त है। हर साल मानसून के बाद राफ्टिंग सीजन शुरू करने से पहले साहसिक खेल विभाग की ओर से ऐसी रेकी की जाती है। गंगा के जलस्तर, बहाव और रैपिड्स की स्थिति का आकलन करने के बाद ही संचालकों को आवश्यक सुरक्षा निर्देश दिए जाते हैं।

शुरुआत में छोटे रूटों पर मिल सकती है अनुमति

शुरुआत में छोटे रूटों पर मिल सकती है अनुमति
शुरुआत में छोटे रूटों पर मिल सकती है अनुमति

पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राफ्टिंग के सभी मार्ग एक साथ नहीं खोले जाते। शुरुआती दौर में गंगा के जलस्तर और परिस्थितियों के आधार पर सीमित दूरी वाले रूटों पर संचालन शुरू किया जाता है।

बताया गया है कि पहले चरण में ब्रह्मपुरी से ऋषिकेश तक करीब नौ किलोमीटर और शिवपुरी से ऋषिकेश तक लगभग 16 किलोमीटर के रूट पर राफ्टिंग की अनुमति दी जा सकती है। इसके बाद जैसे-जैसे गंगा का जलस्तर कम होगा और परिस्थितियां अनुकूल रहेंगी, मरीन ड्राइव और कौडियाला से ऋषिकेश तक के लंबे रूट भी क्रमशः खोले जाएंगे।

बंजी जंपिंग के बाद राफ्टिंग की तैयारी

मानसून समाप्त होने के बाद ऋषिकेश में साहसिक पर्यटन गतिविधियां धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रही हैं। कुछ दिन पहले मोहन चट्टी क्षेत्र में बंजी जंपिंग का संचालन भी शुरू हो चुका है। अब राफ्टिंग की शुरुआत होने से शहर के एडवेंचर टूरिज्म कारोबार को और गति मिलने की उम्मीद है। ऋषिकेश में राफ्टिंग केवल पर्यटकों के मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी भी जुड़ी हुई है।

राफ्टिंग कारोबार से हजारों लोगों को रोजगार

राफ्टिंग सीजन शुरू होने से इससे जुड़े टैक्सी और यूटिलिटी वाहन चालकों को भी दोबारा काम मिलने लगेगा। मानसून के दौरान राफ्टिंग बंद होने से इन वाहनों का संचालन प्रभावित होता है। कई वाहन चालक और उनके परिवार राफ्टिंग सीजन से होने वाली आय पर निर्भर रहते हैं। इसके अलावा राफ्टिंग एजेंट, ट्रैवल एजेंसी संचालक और अन्य पर्यटन कारोबारियों की आमदनी भी इससे जुड़ी है। राफ्टिंग शुरू होने के साथ होटल, परिवहन और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

परमिट और लाइसेंस की प्रक्रिया अंतिम चरण में

परमिट और लाइसेंस की प्रक्रिया अंतिम चरण में
परमिट और लाइसेंस की प्रक्रिया अंतिम चरण में

विभाग की ओर से राफ्टिंग संचालकों के परमिट और लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार गंगा का मौजूदा जलस्तर राफ्टिंग के लिए उपयुक्त पाया गया है। विभाग से अंतिम अनुमति और हरी झंडी मिलने के बाद करीब पांच से छह दिनों के भीतर राफ्टिंग संचालन शुरू किए जाने की संभावना जताई गई है। आधिकारिक तारीख घोषित होने के बाद पर्यटक एक बार फिर ऋषिकेश की गंगा में राफ्टिंग के रोमांच का आनंद ले सकेंगे

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