Surendra Koli Death: सुरेंद्र कोली की संदिग्ध मौत के बाद जांच तेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

निठारी कांड में सुप्रीम कोर्ट से बरी सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। अंतिम संस्कार के बाद अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस उसकी हरिद्वार में रहने की अवधि, कथित फर्जी पहचान, नौकरियों, संपर्कों और मौत से पहले की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।

सुरेंद्र कोली की संदिग्ध मौत के बाद जांच तेज

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 20, 2026

Surendra Koli Death: निठारी कांड में सुप्रीम कोर्ट से बरी हो चुके सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शनिवार को उसका पोस्टमार्टम कराया गया। चिकित्सकों के एक पैनल ने जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव उसके बेटे शिवम, तीन भाइयों और परिवार के परिचित पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत को सौंप दिया गया। शव मिलने की घटना के बाद से ही उसकी मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना है, लेकिन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

खड़खड़ी श्मशान घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

शनिवार सुबह सुरेंद्र कोली के परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। उसके 20 वर्षीय बेटे शिवम के साथ भाई चंदन, हरीश और आनंद भी मौजूद रहे। पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत भी परिवार के साथ अस्पताल पहुंचे। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन शव को लेकर हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पहुंचे, जहां शाम के समय अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिवार और परिचित लोग मौजूद रहे।

चाय के खोखे में मिला था शव

सुरेंद्र कोली का शव शुक्रवार को सप्तसरोवर मार्ग पर वैष्णो देवी मंदिर के पास स्थित एक चाय के खोखे के अंदर मिला था। पुलिस के अनुसार, शव फंदे से लटका हुआ था और गले में रस्सी बंधी थी। रस्सी का एक हिस्सा पंखे से जुड़ा हुआ बताया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुरुआती तौर पर पुलिस ने इसे आत्महत्या की आशंका से जोड़कर जांच शुरू की। बाद में खोखे से मिले दस्तावेजों के आधार पर मृतक की पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में हुई।

हरिद्वार में सुरेंद्र की गतिविधियों की पड़ताल

हरिद्वार में सुरेंद्र की गतिविधियों की पड़ताल
हरिद्वार में सुरेंद्र की गतिविधियों की पड़ताल

पुलिस अब हरिद्वार में सुरेंद्र कोली के पिछले कुछ महीनों के दौरान किए गए काम और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस के मुताबिक, वह करीब चार-पांच महीने से हरिद्वार में कथित तौर पर अलग पहचान के साथ रह रहा था। जांच में सामने आया है कि इस दौरान उसने दो-तीन स्थानों पर सुरक्षा गार्ड की नौकरी की। पुलिस का कहना है कि जब नौकरी देने वाले लोग पहचान संबंधी दस्तावेज मांगते थे, तो वह अपनी वास्तविक पहचान सामने आने के डर से काम बदल देता था।

चाय की दुकान किराए पर लेने वाले व्यक्ति से पूछताछ

चाय की दुकान किराए पर लेने वाले व्यक्ति से पूछताछ
चाय की दुकान किराए पर लेने वाले व्यक्ति से पूछताछ

पुलिस उन लोगों से भी जानकारी जुटा रही है जिन्होंने सुरेंद्र को काम दिलाने में मदद की थी। इसके अलावा चाय का खोखा किराए पर दिलाने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मौत से करीब चार दिन पहले सुरेंद्र ने अनिल शर्मा नाम के व्यक्ति से कथित तौर पर ‘सदाराम’ नाम का इस्तेमाल करते हुए चाय की दुकान किराए पर ली थी। बाद में पुलिस की तलाशी के दौरान आधार कार्ड और वोटर आईडी मिलने से उसकी वास्तविक पहचान सामने आई।

पुलिस ने यह भी कहा है कि चाय की दुकान को लेकर सुरेंद्र और अनिल शर्मा के बीच किसी विवाद की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। अब जांच का फोकस उसकी हरिद्वार में गतिविधियों, संपर्कों और मौत से पहले के घटनाक्रम पर है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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