Uttarakhand News: जनगणना ड्यूटी में मनमानी नहीं चलेगी, मेडिकल जांच के बाद मिलेगी राहत

उत्तराखंड में जनगणना के दूसरे चरण को लेकर कर्मचारियों की ड्यूटी के नियम तय हो गए हैं। स्वास्थ्य कारणों से ड्यूटी से छूट मांगने वालों को मेडिकल जांच करानी होगी। मेडिकल बोर्ड की सिफारिश के बाद ही राहत मिलेगी। वहीं एकल शिक्षक वाले स्कूलों को ड्यूटी से मुक्त रखने समेत कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।

जनगणना ड्यूटी में मनमानी नहीं चलेगी

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 10, 2026

Uttarakhand News: उत्तराखंड में जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियों के बीच कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP जारी कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत जनगणना कार्य से जुड़ी ड्यूटी में स्वास्थ्य संबंधी कारणों से छूट मांगने वाले कर्मचारियों को मेडिकल प्रक्रिया से गुजरना होगा। ऐसे मामलों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा और बोर्ड की सिफारिश के आधार पर ही कर्मचारी को ड्यूटी से राहत देने पर फैसला लिया जाएगा।

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जनगणना ड्यूटी से इनकार करने पर होगी कार्रवाई

जनगणना सचिव दीपक कुमार की ओर से जारी SOP में कर्मचारियों की तैनाती और ड्यूटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। नियमों के मुताबिक, जनगणना अधिनियम के तहत किसी भी विभाग को अपने कर्मचारियों को जनगणना कार्य के लिए भेजने से इनकार करने की अनुमति नहीं है।यदि कोई विभाग निर्धारित नियमों का पालन नहीं करता है या जनगणना ड्यूटी के लिए कर्मचारी उपलब्ध कराने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। इसका उद्देश्य जनगणना कार्य के लिए आवश्यक मानव संसाधन समय पर उपलब्ध कराना है।

तैनाती स्थल के नजदीक मिलेगा ब्लॉक

SOP में कर्मचारियों की सुविधा को भी ध्यान में रखा गया है। इसके तहत कर्मचारियों को उनके मौजूदा तैनाती स्थल के आसपास के क्षेत्र में ही जनगणना ब्लॉक आवंटित करने की व्यवस्था की गई है। इससे कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान लंबी दूरी की यात्रा करने से राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन की कोशिश रहेगी कि कर्मचारियों को यथासंभव उनके कार्यस्थल के नजदीक ही जनगणना संबंधी जिम्मेदारी दी जाए। इससे समय और संसाधन दोनों की बचत हो सकती है।

ज्यादा शिक्षकों वाले स्कूलों को मिलेगी प्राथमिकता

जनगणना ड्यूटी के लिए शिक्षकों की तैनाती में भी विशेष व्यवस्था की गई है। SOP के अनुसार, सबसे पहले ऐसे स्कूलों से शिक्षकों को जनगणना कार्य के लिए लिया जाएगा, जहां शिक्षकों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है। इस व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना ड्यूटी के कारण स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो। पर्याप्त शिक्षक संख्या वाले विद्यालयों से कर्मचारियों को चयनित करने से शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी।

एकल शिक्षक वाले स्कूलों को ड्यूटी से राहत

नई SOP में एकल शिक्षक वाले स्कूलों को विशेष राहत दी गई है। ऐसे विद्यालयों में यदि केवल एक शिक्षक कार्यरत है, तो उसे जनगणना ड्यूटी से मुक्त रखने का प्रावधान किया गया है। इससे उन स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह बाधित होने से बचाई जा सकेगी।

स्वास्थ्य कारणों से छूट के लिए मेडिकल बोर्ड

जनगणना ड्यूटी से स्वास्थ्य के आधार पर छूट चाहने वाले कर्मचारियों को अब मेडिकल आधार प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा। संबंधित कर्मचारी के मामले की जांच के बाद बोर्ड अपनी सिफारिश देगा और उसी के आधार पर ड्यूटी से छूट देने या नहीं देने का निर्णय लिया जाएगा।

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रिजर्व कर्मचारियों के लिए भी स्पष्ट नियम

जनगणना के लिए रिजर्व में रखे गए कर्मचारियों के लिए भी SOP में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। रिजर्व सूची में शामिल कर्मचारी अपनी नियमित नौकरी या विभागीय कार्य से केवल इस आधार पर छूट का दावा नहीं कर सकेंगे कि उनका नाम जनगणना के लिए रिजर्व में रखा गया है। इस तरह नई SOP में जनगणना ड्यूटी, कर्मचारियों की तैनाती, स्वास्थ्य संबंधी छूट और स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न होने जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नियम तय किए गए हैं।