Uttarakhand News: बिना मान्यता चल रहे मदरसों पर शिकंजा, उत्तराखंड में 107 बंद

उत्तराखंड में बिना मान्यता संचालित किए जा रहे मदरसों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य में अब तक 107 मदरसे बंद किए जा चुके हैं, जिनमें अकेले हरिद्वार के 102 संस्थान शामिल हैं। ऊधमसिंह नगर और नैनीताल से भी मदरसों की स्थिति सामने आई है। अब बाकी जिलों की रिपोर्ट का इंतजार है।

बिना मान्यता चल रहे मदरसों पर शिकंजा

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 9, 2026

Uttarakhand News: उत्तराखंड में बिना मान्यता के संचालित किए जा रहे मदरसों को लेकर सरकार की कार्रवाई तेज हो गई है। राज्य में अब तक 107 मदरसों के बंद होने की जानकारी सामने आई है। इनमें सबसे बड़ी संख्या हरिद्वार जिले की है, जहां 102 मदरसों पर ताले लगाए जा चुके हैं। मदरसों की वास्तविक संख्या और उनकी मान्यता की स्थिति को लेकर उठे सवालों के बाद जिलों से रिपोर्ट मिलने का सिलसिला भी तेज हुआ है।

बताया गया है कि सात सितंबर को मदरसों की संख्या और स्थिति को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद हरिद्वार समेत कुछ अन्य जिलों के अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण को भेजी है। इन रिपोर्टों के आधार पर बिना मान्यता संचालित संस्थानों की स्थिति सामने आ रही है।

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हरिद्वार में 102 मदरसे हुए बंद

हरिद्वार जिले के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी चंद्र प्रकाश रावत की ओर से राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण को भेजी गई रिपोर्ट में जिले के मदरसों की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 102 मदरसे बंद हो चुके हैं। वहीं, 76 मदरसों ने मान्यता हासिल करने के लिए शिक्षा विभाग में आवेदन किया है, जिन पर फिलहाल प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा जिले में 45 मदरसे शिक्षा विभाग में पंजीकृत बताए गए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, हरिद्वार में अभी 46 मदरसों का निरीक्षण किया जाना बाकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में इन संस्थानों की स्थिति और मान्यता से जुड़ी तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

ऊधमसिंह नगर में भी हुई कार्रवाई

राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, हरिद्वार के बाद ऊधमसिंह नगर में भी बड़ी संख्या में मदरसे संचालित हैं। जिले में कुल 119 मदरसों की जानकारी सामने आई है। इनमें से अब तक पांच मदरसे बंद किए जा चुके हैं। वहीं, 60 मदरसों ने अभी तक शिक्षा विभाग से मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है। इससे इन संस्थानों की मान्यता को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ने की संभावना है।

नैनीताल के 18 मदरसों की स्थिति

नैनीताल जिले में कुल 18 मदरसों की जानकारी दी गई है। इनमें से 12 मदरसों ने मान्यता के लिए शिक्षा विभाग में आवेदन किया है। बाकी संस्थानों की स्थिति को लेकर आगे की प्रक्रिया संबंधित विभागों की जांच और रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।

पिथौरागढ़ और चंपावत की रिपोर्ट बाकी

राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के अनुसार, पिथौरागढ़ में एक और चंपावत में दो मदरसे संचालित होने की जानकारी है। हालांकि, इन दोनों जिलों से संबंधित जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों की रिपोर्ट अभी प्राधिकरण को प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद इन जिलों में संचालित मदरसों की मान्यता, पंजीकरण और निरीक्षण की स्थिति भी स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल राज्य सरकार की कार्रवाई के बाद बिना मान्यता संचालित मदरसों को लेकर प्रशासनिक निगरानी काफी बढ़ गई है।

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