Uttarakhand News: दिव्यांग छात्रों को बड़ी राहत, अब 28 प्रतिशत अंकों पर होंगे पास

उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। धामी कैबिनेट ने पास होने के लिए पांच प्रतिशत अंकों की छूट को मंजूरी दी है। आखिर कितने अंक पाने पर विद्यार्थी पास माने जाएंगे और किसे मिलेगा इसका लाभ?

दिव्यांग छात्रों को बड़ी राहत

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 23, 2026

Uttarakhand News: उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने कई अहम बदलाव किए हैं। ऐसे में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले दिव्यांग छात्र-छात्राओं के हित में फैसला लिया गया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दिव्यांग विद्यार्थियों को उत्तरीर्ण होने के लिए पांच प्रतिशत अंकों की छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस फैसले से उन विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिन्हें शारीरिक या अन्य दिव्यांगता के कारण पढ़ाई और परीक्षा में अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

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28 प्रतिशत अंक पाने पर उत्तीर्ण श्रेणी में होंगे शामिल

कैबिनेट में रखे गए प्रस्ताव के मुताबिक, उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में निर्धारित शर्तों के तहत 28 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों को उत्तीर्ण श्रेणी में वर्गीकृत किया जाएगा। सरकार का यह निर्णय परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इस छूट का लाभ पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों को संबंधित नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मिलेगा।

शिक्षा अधिनियम के नियमों में होगा संशोधन

शिक्षा अधिनियम के नियमों में होगा संशोधन
शिक्षा अधिनियम के नियमों में होगा संशोधन

इस फैसले को लागू करने के लिए राज्य शिक्षा अधिनियम के विनियम, 2009 के संबंधित उपनियमों में संशोधन किया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद नियमों में आवश्यक बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। संशोधन के जरिए दिव्यांग विद्यार्थियों को उत्तीर्ण प्रतिशत में राहत देने की व्यवस्था को औपचारिक रूप दिया जाएगा। इससे उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल होने वाले पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित प्रावधानों के तहत लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने पहले की थी घोषणा

दिव्यांग विद्यार्थियों को यह राहत देने की घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर की थी। अब कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इस घोषणा को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इस पहल को दिव्यांग विद्यार्थियों के शैक्षिक अवसरों को बढ़ावा देने और परीक्षा में उन्हें अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

पिछले साल हाईस्कूल और इंटर में इतने विद्यार्थी हुए पास

पिछले साल हाईस्कूल और इंटर में इतने विद्यार्थी हुए पास
पिछले साल हाईस्कूल और इंटर में इतने विद्यार्थी हुए पास

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 159 दिव्यांग छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। इनमें से 116 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वहीं, इंटरमीडिएट परीक्षा में 113 दिव्यांग विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से 83 विद्यार्थी सफल रहे थे। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि दिव्यांग विद्यार्थियों का एक वर्ग बोर्ड परीक्षा में सफलता हासिल कर रहा है, जबकि कुछ विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहायता की जरूरत हो सकती है।

दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए क्यों अहम है फैसला?

बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए अंकों में छूट मिलने से पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों को राहत मिल सकती है। यह फैसला उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें अपनी दिव्यांगता के कारण परीक्षा की तैयारी या प्रश्नपत्र हल करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, छूट का वास्तविक लाभ संशोधित नियमों और पात्रता की शर्तों पर निर्भर करेगा।

अब शिक्षा विभाग की ओर से नियमों में संशोधन और इसे लागू करने की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। इससे यह स्पष्ट होगा कि नए प्रावधानों के तहत किन विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा और व्यवस्था किस प्रकार लागू की जाएगी।

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