Uttrakhand News: कुमाऊं में 1500 करोड़ का सड़क प्रोजेक्ट, किन गांवों को मिलेगा फायदा?

उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की तैयारी है। PMGSY-4 के तहत 1500 करोड़ रुपये की लागत से 225 नई सड़कें प्रस्तावित हैं। छह जिलों को इस योजना में शामिल किया गया है। लेकिन इन सड़कों को केंद्र से मंजूरी कब मिलेगी और निर्माण कब शुरू होगा?

कुमाऊं में 1500 करोड़ का सड़क प्रोजेक्ट

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 23, 2026

Uttrakhand News: उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण यानी PMGSY-4 के तहत क्षेत्र में 225 नई सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है। इन सड़कों के निर्माण पर करीब 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। इस परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होने और दूरस्थ गांवों को सड़क संपर्क से जोड़ने की उम्मीद है।

छह जिलों में प्रस्तावित है सड़क निर्माण

योजना के तहत कुमाऊं मंडल के छह जिलों को शामिल किया गया है। इनमें चंपावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर शामिल हैं। इन जिलों के ग्रामीण इलाकों में नई सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी तक सड़क सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना है, जिससे लोगों को दैनिक आवागमन के साथ जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में भी सहूलियत मिल सके।

केंद्र सरकार से बजट मिलने की उम्मीद

केंद्र सरकार से बजट मिलने की उम्मीद
केंद्र सरकार से बजट मिलने की उम्मीद

PMGSY-4 के अंतर्गत प्रस्तावित सड़कों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से बजट की व्यवस्था की जानी है। स्थानीय स्तर पर संबंधित प्रस्ताव तैयार कर लिए गए हैं। अब इन प्रस्तावों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने और केंद्रीय स्तर पर स्वीकृति प्राप्त करने की दिशा में काम किया जा रहा है। करीब 1,500 करोड़ रुपये की प्रस्तावित लागत वाली यह योजना क्षेत्र के ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हल्द्वानी में दस्तावेजों की समीक्षा जारी

प्रस्तावों में किसी प्रकार की कमी के कारण प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसके लिए हल्द्वानी में संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि प्रस्तावों में आवश्यक जानकारी और दस्तावेजों की जांच पहले ही कर ली जाए। यदि किसी तरह की त्रुटि सामने आती है, तो उसे समय रहते ठीक किया जा सके। इससे केंद्र सरकार के स्तर पर प्रस्तावों पर आपत्ति लगने या उन्हें वापस लौटाए जाने की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आवागमन को मिल सकता है लाभ

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आवागमन को मिल सकता है लाभ
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आवागमन को मिल सकता है लाभ

नई सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने, विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक आने-जाने और मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिल सकती है। हालांकि, इन लाभों का वास्तविक असर निर्माण कार्यों की मंजूरी, गुणवत्ता और समय पर पूरा होने पर निर्भर करेगा।

प्रस्तावों की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगा काम

फिलहाल 225 सड़कों से संबंधित प्रस्तावों की तैयारी और दस्तावेजों की समीक्षा प्रक्रिया महत्वपूर्ण चरण में है। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की स्वीकृति और बजट संबंधी औपचारिकताएं अहम होंगी। अभी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 1,500 करोड़ रुपये की लागत और 225 सड़कों का आंकड़ा प्रस्तावित योजना से जुड़ा है। निर्माण शुरू होने और पूरा होने की समयसीमा की पुष्टि संबंधित आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही हो सकेगी।