
Uttarakhand News: उत्तराखंड विधानसभा का सत्र 27 अक्टूबर से गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में शुरू होने जा रहा है। सत्र के पहले ही दिन राज्य सरकार सात हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट सदन में पेश करेगी। अगले दिन यानी 28 अक्टूबर को बजट पारित कराने की योजना है। शनिवार को हुई कार्यमंत्रणा बैठक में दो दिवसीय सत्र का एजेंडा निर्धारित किया गया। कैबिनेट पहले ही अनुपूरक बजट को मंजूरी दे चुकी है।
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विधानसभा अध्यक्ष के आवास पर हुई अहम बैठक
सत्र की तैयारियों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर कार्यमंत्रणा समिति और सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। इसमें संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल और बहुजन समाज पार्टी के विधायक मोहम्मद शहजाद शामिल हुए। बैठक में सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने और सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा की गई। हालांकि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने दोनों बैठकों में हिस्सा नहीं लिया।
कांग्रेस नेताओं ने बैठक का किया बहिष्कार
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कार्यमंत्रणा और सर्वदलीय बैठक से दूरी बनाए रखी। यशपाल आर्य ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपने संख्याबल के आधार पर सत्र का संचालन करना चाहती है और विपक्ष की बातों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा। उनके मुताबिक, जब विपक्ष के सुझावों को सुना ही नहीं जाना है, तो बैठक में शामिल होने का औचित्य नहीं है। कांग्रेस ने सत्र की अवधि और आयोजन से जुड़े फैसलों पर भी सवाल उठाए हैं।
पहले दिन दिवंगत नेताओं को दी जाएगी श्रद्धांजलि

कार्यसूची के अनुसार, विधानसभा सत्र की शुरुआत निधन प्रस्ताव से होगी। सदन में पूर्व मुख्यमंत्री जनरल बीसी खंडूड़ी, पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट और अन्य दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद भोजनावकाश के पश्चात सात हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न विधेयकों और विभागों तथा निगमों की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएंगी।

दूसरे दिन प्रश्नकाल और बजट पारित कराने की तैयारी
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल आयोजित किया जाएगा। इसके बाद अनुपूरक बजट को पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कार्यसूची में दूसरे दिन के लिए सीमित समय होने के कारण विपक्ष की भूमिका और विधायकों को अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाने का अवसर चर्चा का विषय बना हुआ है। बजट पारित होने के बाद विधानसभा सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने की योजना है।
यशपाल आर्य ने सात दिन का सत्र बुलाने की मांग उठाई
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि गैरसैंण में कम से कम सात दिन का विधानसभा सत्र आयोजित किया जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि दो दिन के सत्र में पहले दिन श्रद्धांजलि और बजट पेश करने की कार्यवाही होगी, जबकि दूसरे दिन बजट पारित कराया जाएगा। ऐसे में जनता से जुड़े सवालों, महंगाई और अन्य जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं बचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सत्र गैरसैंण में आयोजित किया जा रहा है, जबकि कार्यमंत्रणा और सर्वदलीय बैठक देहरादून में हुईं, जो उनके अनुसार परंपरा से अलग है।
अनुपूरक बजट और विपक्ष की रणनीति पर नजर
अब सभी की नजरें 27 और 28 अक्टूबर को होने वाली विधानसभा कार्यवाही पर रहेंगी। एक ओर सरकार अनुपूरक बजट पारित कराने की तैयारी में है, वहीं कांग्रेस सत्र की अवधि और जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए समय कम मिलने का सवाल उठा रही है। आने वाले दो दिनों में यह देखना अहम होगा कि सदन में बजट के अलावा किन मुद्दों पर चर्चा हो पाती है।
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