
UP Election 2027: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कांग्रेस का एक पोस्टर इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। पोस्टर पर बड़े अक्षरों में लिखा है, ‘200 सीट हक है हमारा, यूपी को है राहुल गांधी पर भरोसा।’ इस होर्डिंग के सामने आने के बाद यूपी की राजनीति में कांग्रेस की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पोस्टर पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, इमरान मसूद और आराधना मिश्रा की तस्वीरें भी लगाई गई हैं।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अभी से अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। इसी बीच कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे को लेकर अपनी दावेदारी मजबूत करने के संकेत दिए हैं। पोस्टर के जरिए पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह आगामी चुनाव में गठबंधन के भीतर बड़ी भूमिका चाहती है।
सपा के सामने कांग्रेस की बड़ी मांग

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत की तैयारी चल रही है। कांग्रेस की ओर से सपा को उन विधानसभा सीटों की शुरुआती सूची सौंपी गई है, जहां पार्टी को लगता है कि वह गठबंधन के तहत मजबूत स्थिति में रह सकती है। जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस ने 175 से ज्यादा सीटों की सूची तैयार की है। पार्टी की नजर ऐसी सीटों पर है, जहां उसका संगठन, स्थानीय नेताओं की पकड़ और चुनावी संभावनाएं बेहतर मानी जा रही हैं। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि गठबंधन में कांग्रेस को आखिर कितनी सीटें मिलेंगी। ऐसे में 200 सीटों की मांग को लेकर दोनों दलों के बीच होने वाली बातचीत पर सबकी नजर रहेगी।
कांग्रेस-सपा सीट बंटवारे पर जल्द होगी बैठक
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि सीटों की सूची कुछ दिन पहले समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ साझा की गई थी। उन्होंने कहा कि दोनों दलों के नेता जल्द ही एक साथ बैठकर सीट बंटवारे पर विस्तार से चर्चा करेंगे।गौतम के मुताबिक, कांग्रेस ने 175 से 200 सीटों की सूची सपा को दी है। हालांकि, उन्होंने सीटों की सटीक संख्या बताने से इनकार किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीट बंटवारे की अंतिम रूपरेखा दोनों दलों का नेतृत्व बातचीत के बाद तय करेगा।
इसका मतलब साफ है कि कांग्रेस अपनी मांग सामने रख चुकी है, लेकिन गठबंधन में सीटों का अंतिम फैसला अभी बाकी है। आने वाले दिनों में दोनों पार्टियों के बीच होने वाली बातचीत यूपी की चुनावी राजनीति की दिशा तय करने में अहम हो सकती है।

अखिलेश यादव की पार्टी का क्या होगा रुख?

कांग्रेस की मांग पर समाजवादी पार्टी की ओर से भी अपना रुख सामने रखा गया है। सपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सीटों के बंटवारे में जीतने की क्षमता सबसे अहम आधार होगी। उनका कहना था कि कोई भी पार्टी कितनी भी सीटों की मांग कर सकती है, लेकिन आखिर में ऐसा समाधान निकालना जरूरी है, जो चुनावी लिहाज से व्यावहारिक और गठबंधन के लिए फायदेमंद हो। इस बयान से संकेत मिलता है कि सपा केवल कांग्रेस की मांग के आधार पर सीटें देने के बजाय उम्मीदवारों और सीटों की चुनावी स्थिति पर ध्यान देना चाहती है।
ऐसे में कांग्रेस की 200 सीटों की दावेदारी और सपा की जीतने की क्षमता वाली रणनीति के बीच तालमेल बैठाना दोनों दलों के लिए बड़ी चुनौती हो सकता है।
कांग्रेस के पिछले प्रदर्शन पर भी रहेगी नजर
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सीटों की मांग के बीच पार्टी के पिछले चुनावी प्रदर्शन की चर्चा भी हो रही है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ा था और उसे केवल दो सीटों पर जीत मिली थी। इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी सात सीटें जीतने में सफल रही थी।ऐसे में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं के बीच समर्थन बढ़ाने की होगी। वहीं, समाजवादी पार्टी भी सीटों के बंटवारे में अपने चुनावी हितों को ध्यान में रखेगी।
अब देखना होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और सपा के बीच सीटों को लेकर किस तरह सहमति बनती है। क्या कांग्रेस को 200 सीटों के करीब मौका मिलेगा या सपा अपनी शर्तों के मुताबिक सीटों का बंटवारा करेगी? इसका जवाब दोनों दलों की आगामी बातचीत के बाद ही सामने आएगा।











